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निपाह वायरस के डर से किर्गिस्तान ने भारत से पशु और पशु उत्पादों के आयात पर लगाई रोक

निपाह वायरस के खतरे के चलते किर्गिस्तान ने भारत से पशु और पशु उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगाया। बिश्केक और ओश हवाई अड्डों पर यात्रियों की सख्त जांच शुरू की गई।

निपाह वायरस को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच मध्य एशियाई देश किर्गिस्तान ने भारत से पशुओं और पशु उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही देश ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की जांच प्रक्रिया को भी सख्त कर दिया है। राजधानी बिश्केक और देश के दूसरे सबसे बड़े शहर ओश के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है, ताकि किसी भी संभावित संक्रमण को देश में प्रवेश करने से रोका जा सके।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, किर्गिस्तान प्रशासन ने यह फैसला भारत में निपाह वायरस के मामलों को देखते हुए एहतियाती कदम के तौर पर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि बिश्केक और ओश आने वाली सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के यात्रियों के लिए कड़े संक्रमण नियंत्रण उपाय लागू किए गए हैं। इन उपायों के तहत यात्रियों की स्वास्थ्य जांच, निगरानी और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त स्क्रीनिंग की जा रही है।

किर्गिस्तान के जल संसाधन, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की प्रेस सेवा के अनुसार, यह निर्णय भारत में निपाह वायरस के प्रकोप की खबरों के बाद लिया गया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पशु स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत से आने वाले पशुओं और उनसे जुड़े उत्पादों के आयात को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है। इसका उद्देश्य किसी भी तरह के जैविक खतरे को समय रहते नियंत्रित करना है।

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निपाह वायरस एक गंभीर और जानलेवा संक्रमण माना जाता है, जो मुख्य रूप से जानवरों से इंसानों में फैल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह वायरस दूषित खाद्य पदार्थों या संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने से फैलने का खतरा रखता है। इसी कारण कई देश ऐसे प्रकोपों के दौरान सीमा नियंत्रण और आयात नियमों को सख्त कर देते हैं।

किर्गिस्तान सरकार का कहना है कि यह प्रतिबंध पूरी तरह से निवारक उपाय है और स्थिति की समीक्षा के बाद भविष्य में इसे लेकर निर्णय लिया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठनों और संबंधित देशों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर नियमों में बदलाव संभव है।

इस बीच, हवाई अड्डों पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों और सीमा अधिकारियों को अतिरिक्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह के लक्षण महसूस होने पर तुरंत अधिकारियों को सूचित करें। किर्गिस्तान का यह कदम दर्शाता है कि देश सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है और संभावित महामारी के खतरे से निपटने के लिए पहले से तैयार रहना चाहता है।

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