×
 

मायावती का बड़ा फैसला: दोनों भतीजे बाहर, भतीजी दीपिका आनंद के लिए खुला रास्ता

मायावती ने आकाश और ईशान आनंद को बसपा में राजनीतिक भूमिका से बाहर कर दिया। वहीं, कानून छात्रा दीपिका आनंद को जिम्मेदारी देने की संभावना खुली रखी।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने शनिवार को अपनी पार्टी और उत्तराधिकार को लेकर बड़ा फैसला सुनाया। उन्होंने अपने दोनों भतीजों आकाश आनंद और ईशान आनंद को पार्टी में किसी भी पद या राजनीतिक भूमिका से बाहर रखने की घोषणा की। वहीं, अपनी भतीजी दीपिका आनंद के लिए पार्टी में जिम्मेदारी संभालने का रास्ता खुला रखा है।

70 वर्षीय मायावती ने कहा कि उनके छोटे भाई आनंद कुमार के किसी भी बेटे को बसपा में छोटा या बड़ा कोई राजनीतिक पद नहीं दिया जाएगा। उन्होंने इसे अपना अंतिम फैसला और संकल्प बताया। हालांकि, आनंद कुमार की जरूरत होने पर उनकी इकलौती बेटी दीपिका आनंद उनकी सहायता कर सकती हैं। दीपिका फिलहाल कानून की पढ़ाई कर रही हैं और उनकी उम्र 20 साल के आसपास है।

मायावती ने कहा कि दीपिका की ईमानदारी, निष्ठा और कार्यक्षमता के आधार पर आनंद कुमार पार्टी के भीतर अपनी जिम्मेदारियां उन्हें सौंप सकते हैं। हालांकि, अगर दीपिका यह जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं होतीं, तो पार्टी की सहमति से किसी अन्य समर्पित दलित कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दी जा सकती है।

और पढ़ें: मायावती ने आकाश आनंद को बीएसपी से निकाला, अशोक सिद्धार्थ के राजनीतिक संन्यास के बाद भी नाराजगी बरकरार

यह फैसला पिछले करीब दो सप्ताह से चल रहे घटनाक्रम के बाद आया है। तीन सितंबर को लखनऊ में बसपा की बैठक में आकाश आनंद से पार्टी की जिम्मेदारियां वापस ले ली गई थीं। मायावती ने उन्हें अधिक परिपक्व होने की जरूरत बताई थी। आकाश को पहले मायावती के राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाता था।

ईशान आनंद को बैठक से कुछ दिन पहले ही पार्टी में जिम्मेदारी मिली थी, लेकिन अब दोनों भतीजों पर लगाए गए प्रतिबंध के कारण उनकी भूमिका भी समाप्त मानी जा रही है।

नौ सितंबर को मायावती ने आकाश के ससुर और पूर्व बसपा राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ से राजनीति छोड़ने को कहा था। इसके बाद उन्होंने राजनीति से दूरी बनाने की घोषणा की।

मायावती ने बसपा संस्थापक कांशीराम की वंशवाद विरोधी विचारधारा का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी में परिवारवाद को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए जेन-जेड की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

और पढ़ें: मायावती के बयान के बाद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से लिया संन्यास, आकाश आनंद के भविष्य पर बढ़ा फोकस

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share