प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के बीच द्विपक्षीय वार्ता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता की। बैठक में व्यापार, निवेश, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग मजबूत करने पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 22 मई 2026 को नई दिल्ली में साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के साथ द्विपक्षीय बैठक की। यह महत्वपूर्ण बैठक हैदराबाद हाउस में आयोजित हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
बैठक में भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी मौजूद रहे। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने आपसी संबंधों, व्यापार, निवेश, सुरक्षा और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस गुरुवार, 21 मई 2026 को भारत पहुंचे थे। नई दिल्ली आने से पहले उन्होंने मुंबई दौरे के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा जून 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक साइप्रस यात्रा के बाद दोनों देशों के रिश्तों में आई नई गति को आगे बढ़ाने का प्रयास है।
और पढ़ें: माता-पिता IAS हैं तो बच्चों को आरक्षण क्यों? सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और साइप्रस के बीच साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। माना जा रहा है कि बैठक में व्यापार, तकनीक, समुद्री सहयोग और निवेश से जुड़े मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया।
भारत और साइप्रस के संबंध लंबे समय से मैत्रीपूर्ण रहे हैं। यूरोप और भूमध्यसागरीय क्षेत्र में साइप्रस को भारत का महत्वपूर्ण साझेदार माना जाता है। दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग को वैश्विक कूटनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस उच्चस्तरीय वार्ता से भारत और साइप्रस के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही यह बैठक भारत की यूरोपीय देशों के साथ बढ़ती साझेदारी का भी संकेत मानी जा रही है।
और पढ़ें: ट्विशा शर्मा मौत मामला: 10 दिन से फरार पति समर्थ सिंह जबलपुर कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा