मुजफ्फरपुर एके-47 मामले में एनआईए की बड़ी कार्रवाई, दो साल से फरार आरोपी भैरव त्रिपाठी गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर एके-47 मामले में एनआईए और बिहार एसटीएफ ने फरार आरोपी भैरव त्रिपाठी को गिरफ्तार किया। आरोपी पर हथियार तस्करी समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
बिहार के मुजफ्फरपुर में सामने आए चर्चित एके-47 हथियार बरामदगी मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और बिहार एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त कार्रवाई में करीब दो साल से फरार चल रहे आरोपी भैरव त्रिपाठी उर्फ मास्टर उर्फ गुरु को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
एनआईए और स्थानीय पुलिस की टीम ने ब्रह्मपुरा स्थित संजय सिनेमा रोड के पास कार्रवाई करते हुए भैरव त्रिपाठी को पकड़ा। एनआईए की टीम पिछले चार दिनों से मुजफ्फरपुर में उसकी तलाश में छापेमारी कर रही थी। गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जाल बिछाया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
भैरव के खिलाफ बिहार और दिल्ली में कई आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसके खिलाफ हत्या और शस्त्र अधिनियम समेत आठ मामले दर्ज हैं। एके-47 मामले में यह एनआईए की छठी गिरफ्तारी बताई जा रही है।
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अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े तार
यह मामला एनआईए की आरसी-11/2024/एनआईए/डीएलआई से जुड़ा है। जांच एजेंसी के अनुसार, मामले में एके-47 राइफल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। आरोप है कि भैरव त्रिपाठी ने अपने साथियों के साथ मिलकर नागालैंड के दीमापुर से बिहार तक प्रतिबंधित बोर के अत्याधुनिक हथियारों की तस्करी की साजिश रची।
एनआईए के अनुसार, इस नेटवर्क का उद्देश्य अवैध हथियारों की आपूर्ति के जरिए सार्वजनिक शांति और सुरक्षा को प्रभावित करना था। जांच में अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क से भी इसके तार जुड़े होने की बात सामने आई है।
ऐसे सामने आया था मामला
यह मामला 7 मई 2024 को दर्ज फकुली थाना कांड से संबंधित है। पुलिस ने मुजफ्फरपुर के मुर्गटिया पुल के पास से एके-47 राइफल, मैगजीन और जिंदा कारतूस बरामद किए थे। जांच के दौरान आरोपियों ने दीमापुर से हथियार लाकर बिहार में बेचने की जानकारी दी थी।
एनआईए ने इस मामले में अलग-अलग चरणों में कई आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए हैं। इनमें विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय, अहमद अंसारी, मंजूर खान और कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत शामिल हैं।
अब भैरव त्रिपाठी की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी उसके कथित आपराधिक नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति और मामले में उसकी भूमिका को लेकर पूछताछ कर रही है। एनआईए यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।