नाग पंचमी पर जानिए कैसे नागराज वासुकी बने भगवान शिव के गले का आभूषण
नाग पंचमी पर जानिए नागराज वासुकी की दिव्य कथा। समुद्र मंथन में उनके महान त्याग और समर्पण से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपने गले में धारण किया।
17 अगस्त को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। यह त्योहार नाग देवता की पूजा और उनके प्रति श्रद्धा को समर्पित माना जाता है। सनातन परंपरा में नागराज वासुकी का विशेष महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वासुकी भगवान शिव के गले में आभूषण के रूप में विराजमान हैं। इसके पीछे उनके त्याग और भगवान शिव की करुणा से जुड़ी एक दिव्य कथा बताई जाती है।
पौराणिक कथा के अनुसार, ऋषि कश्यप और माता कद्रू से नाग वंश की उत्पत्ति हुई। कद्रू के अनेक पुत्रों में 12 नाग अत्यंत शक्तिशाली और विषैले माने गए, जिनमें नागराज वासुकी भी शामिल थे।
जब देवताओं और दानवों ने अमृत प्राप्त करने के लिए समुद्र मंथन का निर्णय लिया, तो मंदराचल पर्वत को मथनी बनाया गया। लेकिन इतने विशाल पर्वत को घुमाने के लिए मजबूत रस्सी की आवश्यकता थी। कोई सामान्य रस्सी उसका भार सहन नहीं कर सकती थी। तब नागराज वासुकी स्वयं आगे आए और उन्होंने पर्वत को लपेटने के लिए रस्सी बनने की सहमति दी।
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इसके बाद वासुकी को मंदराचल पर्वत के चारों ओर लपेटा गया। एक ओर दैत्यों ने उनकी पूंछ पकड़ी, जबकि दूसरी ओर देवताओं ने उनका मुख। समुद्र मंथन शुरू होने पर उनके शरीर पर लगातार घर्षण हुआ और उन्हें अत्यधिक पीड़ा हुई। उनके मुख से विषैली फुंकारें भी निकलने लगीं। इसके बावजूद वासुकी ने पीछे हटने से इनकार किया और सृष्टि के कल्याण के लिए अपना कष्ट सहते रहे।
भगवान शिव ने वासुकी को गले में धारण किया
समुद्र मंथन के दौरान कालकूट विष निकला, जिससे पूरे ब्रह्मांड में संकट पैदा हो गया। संसार की रक्षा के लिए भगवान शिव ने विष का पान किया और उसे अपने कंठ में रोक लिया। इसी कारण उन्हें नीलकंठ कहा गया।
विष की गर्मी से शिव का कंठ जलने लगा। मान्यता है कि तब वासुकी ने अपनी पीड़ा की परवाह किए बिना भगवान शिव के गले में लिपटकर उनकी जलन कम करने का प्रयास किया। वासुकी के इस निस्वार्थ समर्पण और भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपने गले में धारण कर लिया।
इसी मान्यता के कारण नागराज वासुकी को भगवान शिव का प्रिय आभूषण माना जाता है। शास्त्रों में यह भी उल्लेख मिलता है कि एक समय वासुकी ने भगवान शिव के धनुष की डोरी की भूमिका निभाई थी।
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