नीति आयोग की बैठक में छत्तीसगढ़ के नए बस्तर का विजन, दूध, सिंचाई और रोजगार पर जोर
नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर के विकास का रोडमैप पेश किया। योजना में आय दोगुनी करने, डेयरी विकास, सिंचाई विस्तार और रोजगार सृजन पर जोर है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नीति आयोग की बैठक में बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रस्तुत किया। गुरुवार को आयोजित इस बैठक में उन्होंने आदिवासी परिवारों की आय बढ़ाने, दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने की विस्तृत योजना रखी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बस्तर के आदिवासी परिवारों की आय को दोगुना करना है। इसके लिए डेयरी क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे क्षेत्र में “श्वेत क्रांति” का मार्ग प्रशस्त हो सके। उन्होंने बताया कि दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
बैठक में प्रस्तुत योजना के अनुसार बस्तर में लगभग 32,000 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक सिंचाई परियोजनाओं और जल प्रबंधन के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जाएगा।
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विष्णु देव साय ने रोजगार सृजन को भी विकास योजना का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा कि कृषि, डेयरी, लघु उद्योग और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों के माध्यम से युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही कौशल विकास कार्यक्रमों को भी गति दी जाएगी ताकि युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने नीति आयोग से इन विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि बस्तर के विकास से न केवल क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि आदिवासी समुदायों के जीवन स्तर में भी व्यापक सुधार आएगा। राज्य सरकार “नया बस्तर” बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है, जहां समृद्धि, रोजगार और आधुनिक सुविधाएं सभी तक पहुंच सकें।
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