अल्पसंख्यक और आदिवासी समुदायों के उत्थान के लिए नई संस्थाओं की स्थापना
कर्नाटक सरकार ने आदिवासी और अनुसूचित जाति समुदायों के उत्थान के लिए नई संस्थाओं की स्थापना की, ₹44,632 करोड़ का बजट आवंटित कर उनके कल्याण की योजना बनाई।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आदिवासी और पिछड़े समुदायों के उत्थान के लिए नई संस्थाओं की घोषणा की है। इसके तहत कर्नाटक आदिवासी विकास निगम की स्थापना की जाएगी, जो इरुला, सोलिगा, जेणुकुरुबा, काडुकुरुबा, कुदिया, सिड्डी और अन्य संवेदनशील आदिवासी समूहों के कल्याण पर केंद्रित होगी, जो जंगल के किनारों और आसपास के इलाकों में रहते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि इन आदिवासी समुदायों की शिकायतों और समस्याओं को सुनने के लिए अनुसूचित जनजाति आयोग की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति खानाबदोश और अर्ध-खानाबदोश विकास निगम के लिए अलग से ₹100 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल ₹44,632 करोड़ का प्रावधान कर्नाटक अनुसूचित जाति उप-योजना (SCSP) और जनजातीय उप-योजना (TSP) के तहत किया गया है। यह बजट पिछड़े और आदिवासी समुदायों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए उपयोग किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि सरकार का उद्देश्य इन पिछड़े और वंचित समूहों को सशक्त बनाना और उनके जीवन स्तर में सुधार करना है। उन्होंने यह भी कहा कि नई संस्थाओं और आयोग के माध्यम से इन समुदायों की समस्याओं को समय पर सुना और हल किया जाएगा, जिससे उनके सामाजिक और आर्थिक उत्थान में तेजी आएगी।
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