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NEET विवाद के बाद एनटीए में बड़ा बदलाव, चार स्तरीय पेपर जांच और सीआईएसएफ सुरक्षा

नीट विवाद के बाद केंद्र ने एनटीए की परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार किए हैं। 600 विशेषज्ञ बदले गए, चार स्तरीय पेपर जांच होगी और सीआईएसएफ सुरक्षा बढ़ेगी।

चार स्तरीय पेपर जांच और सीआईएसएफ सुरक्षा: नीट विवाद के बाद केंद्र ने एनटीए में किया बड़ा बदलाव

नीट विवाद के बाद केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। एनटीए के कार्यालयों को युद्धस्तर पर नए परिसर में स्थानांतरित किया जाएगा। नए परिसर में सीआईएसएफ की टीमों की तैनाती के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

एनटीए को लेकर मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए सभी जरूरी सुरक्षा उपाय और आवश्यक बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मंत्री के निर्देश के बाद एनटीए के महानिदेशक ने अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी दी।

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600 विशेषज्ञों को बदला गया

एनटीए के महानिदेशक ने बताया कि परीक्षा टीम में व्यापक बदलाव किए गए हैं और 600 विशेषज्ञों को नए विशेषज्ञों से बदला गया है। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्रों की जांच और समीक्षा को मजबूत करने के लिए चार स्तरीय प्रश्नपत्र सत्यापन प्रणाली लागू की जाएगी। अगले दो से तीन सप्ताह में 20 से 25 अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी और आगे की नियुक्तियों की योजनाओं की समीक्षा की गई है।

एनटीए के कार्यालय को राष्ट्रीय राजधानी में ओखला से मिंटो रोड स्थित नए परिसर में स्थानांतरित किया जाएगा। नए परिसर में सीआईएसएफ की तैनाती के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। केंद्र ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की परीक्षा व्यवस्था में इस बड़े बदलाव की घोषणा की है, जिसमें चार स्तरीय पेपर जांच प्रक्रिया, 600 विशेषज्ञों को हटाकर नए विशेषज्ञों को शामिल करना और सीआईएसएफ सुरक्षा वाला कार्यालय परिसर शामिल है।

शिक्षा मंत्रालय ने व्यवस्था सुधारने के लिए तेज किए कदम

यूजीसी-नेट प्रश्नपत्र में हाल की गड़बड़ियों और इससे पहले नीट-यूजी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले को लेकर शिक्षा मंत्रालय पर सवाल उठे थे। इसके बाद मंत्रालय ने परीक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं।

सोमवार को शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी की अध्यक्षता में बैठक हुई। उनके पूर्ववर्ती धर्मेंद्र प्रधान को नीट-यूजी परीक्षा विवाद को लेकर हुए प्रदर्शनों के बाद पद से इस्तीफा देना पड़ा था। मंगलवार को मंत्रालय ने बताया कि जोशी ने परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए सभी जरूरी सुरक्षा और संबंधित बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

मंत्री के निर्देश के बाद एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंत्रालय को एजेंसी की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी। एनटीए का कार्यालय राष्ट्रीय राजधानी में ओखला से मिंटो रोड स्थानांतरित किया जाएगा।

यूजीसी-नेट परीक्षा की दोबारा परीक्षा कराने की रविवार रात घोषणा के बाद विपक्षी दलों और कई छात्र संगठनों ने एनटीए की फिर आलोचना की थी। प्रदर्शनकारी एनटीए को खत्म करने की मांग कर रहे थे और उनका कहना था कि इसकी बार-बार की खामियों से छात्रों की पढ़ाई और करियर प्रभावित हो रहे हैं।

छात्रों के हित में लिए गए फैसले: एनटीए

एनटीए के सूत्रों ने कहा कि एजेंसी ने छात्रों के हित में कदम उठाए हैं। भविष्य में सभी परीक्षाओं को निष्पक्ष और त्रुटिरहित बनाने के लिए आंतरिक प्रक्रियाओं और प्रोटोकॉल की समीक्षा की जा रही है।

एनटीए ने शिकायतों की समीक्षा के बाद दोबारा परीक्षाएं कराने का फैसला लिया और उम्मीदवारों के हित में सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद में जुलाई में एनटीए ने 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त की थीं। बाद में कुछ और अधिकारियों को हटाया गया, जिससे यह संख्या 50 से अधिक हो गई।

इसके अलावा, मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, मुख्य वित्त अधिकारी, मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी, परीक्षा सुरक्षा महाप्रबंधक और अनुसंधान-विकास एवं मनोमिति महाप्रबंधक समेत 10 नए पेशेवर नेतृत्व पदों के लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं और नियुक्तियों की प्रक्रिया चल रही है।

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