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ओपी राजभर ने आर्थिक आधार पर आरक्षण का किया समर्थन, अखिलेश यादव को मुस्लिम सीएम बनाने की चुनौती

ओपी राजभर ने आर्थिक आधार पर आरक्षण की वकालत करते हुए कोटे के भीतर उप-वर्गीकरण का समर्थन किया। उन्होंने अखिलेश यादव से मुस्लिम मुख्यमंत्री बनाने का ऐलान करने को कहा।

एनडीए में शामिल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की वकालत की। उन्होंने कहा कि आरक्षण का लाभ उन लोगों तक पहुंचना चाहिए, जो वास्तव में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित हैं।

ओपी राजभर ने कहा कि जो लोग पहले ही बड़े संवैधानिक और प्रशासनिक पदों तक पहुंच चुके हैं, उन्हें लगातार आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जो व्यक्ति जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, आईजी, डीआईजी, डीजीपी, राज्यपाल, मुख्यमंत्री या राष्ट्रपति जैसे पदों तक पहुंच चुका है, उसे आरक्षण की जरूरत नहीं होनी चाहिए।

राजभर ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर की आरक्षण व्यवस्था का उद्देश्य गरीबों और वंचित वर्गों को आगे बढ़ाना तथा उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना था। उनका आरोप है कि आरक्षण का लाभ पहले प्राप्त कर चुके कुछ परिवार लगातार इसका फायदा उठा रहे हैं, जबकि गरीब और जरूरतमंद लोग पीछे रह जाते हैं।

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उन्होंने आरक्षण की श्रेणियों में उप-वर्गीकरण की भी वकालत की। राजभर ने कहा कि कोटे के भीतर कोटा व्यवस्था के जरिए आरक्षण का लाभ अधिक जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने हरियाणा में लागू ऐसी व्यवस्था का भी उल्लेख किया।

अखिलेश यादव को मुस्लिम सीएम बनाने की चुनौती

ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनती है तो किसी मुस्लिम नेता को मुख्यमंत्री बनाने का ऐलान किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मुस्लिम मतदाताओं ने अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव को कई बार उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में अब सपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि अगला मुख्यमंत्री मुस्लिम होगा।

गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में एसबीएसपी ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था। बाद में ओपी राजभर भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हो गए और सरकार में मंत्री बने।

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