मुंबई में पाकिस्तानी गैंगस्टर की आतंकी साजिश नाकाम, ऑनलाइन गेमिंग टास्क के जरिए युवाओं को फंसाने का खुलासा
महाराष्ट्र एटीएस ने मुंबई में पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क का खुलासा किया। इंस्टाग्राम और ऑनलाइन गेमिंग टास्क के जरिए युवाओं को भर्ती करने की कोशिश का पता चला।
महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने मुंबई में पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े एक कथित आतंकी मॉडल का खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि करीब 30 युवाओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क में लाया गया और उन्हें ऑनलाइन गेमिंग मिशन की तरह दिखने वाले टास्क देकर धीरे-धीरे अपने जाल में फंसाने की कोशिश की गई।
एटीएस अधिकारियों के अनुसार, इन युवाओं की उम्र लगभग 16 से 20 वर्ष के बीच है। भट्टी और उसके नेटवर्क ने कथित तौर पर पहले छोटे और सामान्य लगने वाले काम सौंपे, ताकि युवाओं की प्रतिक्रिया और निर्देशों का पालन करने की क्षमता को परखा जा सके।
जांच में पता चला कि शुरुआती चरण में युवाओं को सार्वजनिक स्थानों, सरकारी इमारतों और पुलिस थानों की तस्वीरें लेने या छोटे वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए कहा गया। इन कामों को ऑनलाइन गेम के स्तरों की तरह पेश किया गया, जिससे युवाओं को इनके पीछे की वास्तविक मंशा का अंदाजा न लगे।
हालांकि, एटीएस के मुताबिक मुंबई के ज्यादातर युवाओं ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया। एक मामले में भट्टी ने कथित रूप से हरियाणा के एक पुलिस थाने की तस्वीर लेने के लिए एक युवक को कहा था, लेकिन उसने यह काम नहीं किया।
इस पूरे नेटवर्क का खुलासा तब हुआ जब उत्तर प्रदेश एटीएस ने कृष्णा मिश्रा (20) और उसके साथी दानियाल अशरफ को गिरफ्तार किया। आरोप है कि कृष्णा मिश्रा को संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करने के निर्देश दिए गए थे। अधिकारियों के अनुसार, उसने भिवंडी के नारपोली पुलिस स्टेशन की तस्वीर और पास के एक पुल का वीडियो कथित रूप से पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को भेजा था।
जांच एजेंसियों को आरोपियों के मोबाइल फोन से एन्क्रिप्टेड चैट, वीडियो कॉल रिकॉर्ड, रेकी से जुड़े वीडियो और वित्तीय लेनदेन की जानकारी मिलने का दावा किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, शहजाद भट्टी अकेले काम नहीं कर रहा था। उसके नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य लोगों पर भी सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक पहुंच बनाने का आरोप है। इनमें आबिद जट्ट उर्फ आबिद छल, अजमल गुजर, हम्माद मेमन, राणा हुसैन और अशरफ बशीर आलम के नाम शामिल हैं।
महाराष्ट्र एटीएस ने इससे पहले पुणे के 66 युवाओं से भी पूछताछ की थी, जिनके भट्टी नेटवर्क से संपर्क में होने की जानकारी मिली थी। एजेंसी अब जब्त डिजिटल उपकरणों और ऑनलाइन बातचीत की जांच कर रही है, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और विदेशी संपर्कों का पता लगाया जा सके।
एटीएस ने युवाओं को सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क करते समय सतर्क रहने की सलाह दी है।