छोटी लालच में गैंगस्टर नेटवर्क में फंस रहे किशोर, एजीटीएफ डीआईजी ने चिंता जताई
पंजाब में किशोर छोटे लालच के कारण गैंगस्टर नेटवर्क में फंस रहे हैं। एजीटीएफ डीआईजी गुरमीत सिंह चौहान ने इसे गंभीर खतरा बताते हुए सख्त कार्रवाई और जागरूकता की जरूरत बताई।
पंजाब में गैंगस्टर नेटवर्क का बढ़ता प्रभाव और युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए इसमें फंसाने की प्रवृत्ति कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। गुरमीत सिंह चौहान, जो एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के डीआईजी हैं, ने इस मुद्दे पर गहरी चिंता जताई है।
उन्होंने एक साक्षात्कार में बताया कि आजकल छोटे-छोटे लालच और दिखावे के कारण किशोर और युवा लड़के अपराध की दुनिया में कदम रख रहे हैं। पार्टी, घूमने-फिरने, नशे और यहां तक कि सोशल मीडिया पर रील बनाने के लिए मोबाइल डेटा जैसी छोटी जरूरतों के लिए भी वे गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ रहे हैं।
गुरमीत सिंह चौहान के अनुसार, मामूली पैसों के बदले ये युवा लोगों को इधर-उधर पहुंचाने, नशीले पदार्थों और हथियारों की डिलीवरी करने और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई मामलों में 17 साल से कम उम्र के नाबालिग भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाए गए हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
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इस बढ़ते खतरे को देखते हुए एजीटीएफ ने विदेशों में छिपे अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए एक विशेष सेल का गठन किया है। इसका उद्देश्य गैंगस्टर नेटवर्क को जड़ से खत्म करना और युवाओं को इस दलदल में फंसने से बचाना है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस समस्या से निपटने के लिए समाज, परिवार और प्रशासन को मिलकर काम करना होगा। जागरूकता और कड़ी कार्रवाई ही इस बढ़ती चुनौती का समाधान हो सकती है।
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