सोशल मीडिया पर ‘रेंट-ए-बॉयफ्रेंड’ ठगी का जाल, साइबर विशेषज्ञों ने ऑनलाइन डेटिंग के खतरों से किया आगाह
सोशल मीडिया पर ‘रेंट-ए-बॉयफ्रेंड’ और अन्य ऑनलाइन ठगी बढ़ रही है। साइबर विशेषज्ञों ने निजी जानकारी, तस्वीरें साझा करने, संदिग्ध लिंक खोलने और अनजान लोगों को पैसे भेजने से बचने की चेतावनी दी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर आकर्षक ऑफरों के जरिए लोगों को जाल में फंसाने वाले साइबर अपराधियों ने अब महिलाओं को निशाना बनाने के लिए कथित तौर पर नया ‘रेंट-ए-बॉयफ्रेंड’ ठगी मॉडल अपनाया है। साइबर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऑनलाइन डेटिंग और साथी उपलब्ध कराने के नाम पर चल रहे ऐसे विज्ञापन आर्थिक नुकसान के साथ-साथ निजी जानकारी की चोरी और ब्लैकमेलिंग का कारण भी बन सकते हैं।
इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्मों पर कथित सेवाओं के विज्ञापन प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनमें कॉफी डेट, फिल्म देखने, व्यक्तिगत साथ देने और शादी या अन्य कार्यक्रमों में साथ चलने जैसी सुविधाएं देने का दावा किया जाता है। इन विज्ञापनों में युवकों की तस्वीरों के साथ अलग-अलग पैकेज और दरें दिखाई जाती हैं। कुछ विज्ञापनों में 499 रुपये में कॉफी मीटिंग का प्रस्ताव दिया जाता है।
रुचि दिखाने के बाद लोगों को डायरेक्ट मैसेज के जरिए संपर्क करने को कहा जाता है और बातचीत को व्हाट्सऐप, टेलीग्राम या सिग्नल जैसे निजी मैसेजिंग प्लेटफॉर्मों पर ले जाया जाता है। विश्वास कायम होने के बाद ठग बुकिंग कन्फर्मेशन, सिक्योरिटी डिपॉजिट या एडवांस पेमेंट के नाम पर डिजिटल वॉलेट अथवा क्यूआर कोड के माध्यम से पैसे मांगते हैं। भुगतान के बाद पीड़ित को ब्लॉक किया जा सकता है।
हैदराबाद साइबर क्राइम सेल ने भी ऐसे फर्जी विज्ञापनों को लेकर लोगों को सतर्क किया है। साइबर अधिकारियों के अनुसार, जनवरी 2026 से इस तरह की ठगी से संबंधित करीब 24 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें लगभग 3.5 लाख रुपये का नुकसान बताया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि खतरा केवल आर्थिक ठगी तक सीमित नहीं है। अपराधी भरोसा जीतने के बाद निजी तस्वीरें, व्यक्तिगत जानकारी और अन्य संवेदनशील सामग्री हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं, जिनका बाद में ब्लैकमेलिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। संदिग्ध लिंक या दुर्भावनापूर्ण फाइल भेजकर मोबाइल फोन और निजी डेटा से भी समझौता किया जा सकता है।
नागपुर के एक मामले ने ऑनलाइन दोस्ती के जोखिमों को भी उजागर किया है। आरोप है कि एक नाबालिग लड़की की दोस्ती फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल के जरिए एक व्यक्ति से हुई। आरोपी ने कथित तौर पर निजी तस्वीरें हासिल कर उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया। पुलिस ने डिजिटल तकनीक की मदद से आरोपी का पता लगाया।
साइबर विशेषज्ञों ने युवाओं को फर्जी प्रोफाइल, असंगत पहचान, वीडियो कॉल से बचने, निजी तस्वीरें मांगने, पैसे की मांग करने और संदिग्ध लिंक भेजने वाले लोगों से सावधान रहने की सलाह दी है। अभिभावकों से भी बच्चों के साथ खुलकर संवाद बनाए रखने की अपील की गई है।
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