तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी के हिटलर प्रेरणा बयान पर बवाल, बीजेपी ने लगाया तानाशाही मानसिकता का आरोप
तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी के हिटलर प्रेरणा वाले बयान पर विवाद बढ़ा। बीजेपी ने इसे तानाशाही मानसिकता बताते हुए कांग्रेस पर देश को बांटने का आरोप लगाया।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गए हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब उन्होंने बेंगलुरु में आयोजित एक कॉन्क्लेव में राज्य की एंटी-एन्क्रोचमेंट एजेंसी हाइड्रा (HYDRAA) का जिक्र करते हुए कहा कि इसके नाम की प्रेरणा अडोल्फ हिटलर से जुड़ी हो सकती है।
रेवंत रेड्डी ने चर्चा के दौरान दावा किया कि हिटलर को “हाइड्रा” शब्द पसंद था और उनके अनुसार हिटलर की टीम भी इस शब्द से जुड़ी हुई थी, जिससे प्रभावित होकर एजेंसी का नाम रखा गया। हालांकि, इतिहासकारों और राजनीतिक विश्लेषकों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि हिटलर के करीबी सहयोगियों और “हाइड्रा” शब्द के बीच कोई ठोस ऐतिहासिक प्रमाण मौजूद नहीं है।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस और रेवंत रेड्डी पर “तानाशाही मानसिकता” का आरोप लगाया और कहा कि यह बयान लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
और पढ़ें: अर्मेनिया में संसदीय चुनाव, रूस के दबाव के बीच पश्चिम की ओर झुकाव की कोशिश
पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस बार-बार ऐसे बयान देकर अपनी “हिटलर और आपातकाल वाली सोच” को उजागर कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस नेतृत्व तेलंगाना मुख्यमंत्री के इस बयान पर कोई कार्रवाई करेगा।
विवाद तब और बढ़ गया जब रेवंत रेड्डी के एक अन्य बयान को भी राजनीतिक रंग दिया गया। उन्होंने क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और कर व्यवस्था को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा था कि दक्षिण भारत देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देता है और उसे अधिक सम्मान मिलना चाहिए।
बीजेपी ने इस बयान को उत्तर और दक्षिण भारत के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश बताया। पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता देश की एकता को कमजोर करने वाले बयान दे रहे हैं।
इस पूरे विवाद ने तेलंगाना की राजनीति को गर्मा दिया है और दोनों दलों के बीच तीखी बयानबाजी जारी है।
और पढ़ें: बेंगलुरु में मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने जीरो ट्रैफिक से बचने के लिए मेट्रो से की यात्रा