शाहजहांपुर में दो साधुओं की हत्या, शव जलाने से मचा हड़कंप
शाहजहांपुर के सूथा गांव में दो साधुओं की हत्या के बाद शव जला दिए गए। पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर सीसीटीवी, फोरेंसिक साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से जांच शुरू की।
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के खुदागंज थाना क्षेत्र के सूथा गांव में शिव मंदिर परिसर में दो साधुओं की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हत्या के बाद दोनों शवों को आग के हवाले कर दिया गया। मंदिर से धुआं उठता देखकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो वहां एक साधु का शव जलता हुआ मिला, जबकि दूसरे का शव पूरी तरह जलकर कंकाल में बदल चुका था।
मृतकों की पहचान 70 वर्षीय बाबा गोपाल दास और उनके 60 वर्षीय शिष्य बाबा बिहारी दास के रूप में हुई है। दोनों गांव से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित भोले बाबा मंदिर में रहते थे और पूजा-पाठ करते थे। ग्रामीणों के अनुसार, गोपाल दास करीब 20 वर्षों से मंदिर में रह रहे थे और कथावाचक भी थे। वहीं, बिहारी दास लगभग 10 वर्षों से मंदिर की सेवा कर रहे थे। करीब एक महीने पहले वह गोपाल दास के शिष्य बने थे।
गुरुवार सुबह करीब सात बजे ग्रामीणों ने मंदिर से धुआं उठता देखा। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने दोनों साधुओं के शव अलग-अलग स्थानों पर पड़े देखे। दोनों शवों के बीच करीब 10 मीटर की दूरी बताई गई है। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
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सूचना मिलने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है।
मंदिर के संरक्षक शिवकुमार सिंह की शिकायत में गांव के सुमित सिंह पर मंदिर में आग लगाने और कब्जे की मंशा का आरोप लगाया गया है। सुमित, बिहारी दास का भतीजा बताया जा रहा है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उपचार की जानकारी भी सामने आई है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हत्या की वास्तविक वजह और घटना की परिस्थितियां जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होंगी।
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