NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- युवाओं को निराश नहीं कर सकते
सुप्रीम कोर्ट ने NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने पर जोर दिया। अदालत ने केंद्र से हलफनामा मांगा और कहा कि युवाओं और उनके परिवारों को निराश नहीं किया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार को कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि देश अपने युवाओं को निराश नहीं कर सकता। अदालत ने इस मामले में जवाबदेही तय करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि जब तक वास्तविक जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाओं पर रोक नहीं लग पाएगी।
न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने इस मामले से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई की। अदालत ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी बेहद पीड़ादायक होती हैं। लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अपना समय, मेहनत और भावनाएं लगाते हैं।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि केंद्र सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 21 जून को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा के लिए नए सुरक्षा तंत्र लागू किए गए हैं ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
और पढ़ें: पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धांजलि दी
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “असल समस्या तब तक समाप्त नहीं होगी जब तक वास्तविक जवाबदेही तय नहीं की जाती।” अदालत ने केंद्र सरकार को इस मामले में विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया और अगली सुनवाई जुलाई के दूसरे सप्ताह में तय की।
गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। अब दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है।
यह विवाद 2024 के NEET-UG मामले के बाद फिर से चर्चा में आया है, जब सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा रद्द करने से इनकार किया था, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कई निर्देश जारी किए थे।
और पढ़ें: रूसी ड्रोन हादसे पर नाटो का रोमानिया को पूरा समर्थन, मार्क रुटे ने जताई पूर्ण एकजुटता