नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान तेज प्रताप यादव गिरफ्तार, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए
नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए तेज प्रताप यादव को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सोमवार को उनकी जमानत याचिका दायर होगी।
जन शक्ति जनता दल (जेएसजेडी) के प्रमुख तेज प्रताप यादव को नीट 2026 पेपर लीक मामले को लेकर हुए बिहार बंद के दौरान गिरफ्तार किए जाने के बाद अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पटना पुलिस ने शनिवार शाम उन्हें डाक बंगला चौराहा स्थित एक मॉल के पास से हिरासत में लिया और दीघा थाना ले गई। देर रात उन्हें न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया। इसके बाद तेज प्रताप यादव को बेउर केंद्रीय कारागार, पटना भेज दिया गया, जहां वे अगले 14 दिनों तक रहेंगे।
यह कार्रवाई शनिवार को पटना में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद की गई। नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में कई विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने बिहार बंद का आह्वान किया था। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। कुछ स्थानों पर पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की गई और उन्हें पलट दिया गया, जिसके बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
इस आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारी तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। बाद में छात्र आंदोलन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
और पढ़ें: प्रह्लाद जोशी बने देश के नए शिक्षा मंत्री, जानिए उनकी शैक्षणिक योग्यता और राजनीतिक सफर
तेज प्रताप यादव ने बिहार बंद के दौरान राम गुलाम चौक पहुंचकर आंदोलन कर रहे छात्रों का समर्थन किया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उनके खिलाफ गांधी मैदान थाना में प्राथमिकी भी दर्ज की गई।
हिरासत में लिए जाने के दौरान तेज प्रताप यादव ने कहा, "छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं। सरकार को उनकी मांगें माननी चाहिए। हम छात्रों और युवाओं के साथ मजबूती से खड़े हैं। जरूरत पड़ी तो उनके लिए अपनी जान भी देने को तैयार हूं।"
तेज प्रताप यादव के वकील जगन्नाथ सिंह ने बताया कि उनकी रिहाई के लिए सोमवार को जमानत याचिका दायर की जाएगी। वहीं, जन शक्ति जनता दल की बांकीपुर उपचुनाव प्रत्याशी वीणा मानवी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने गिरफ्तारी के स्पष्ट कारण नहीं बताए और कार्रवाई को अनुचित बताया।