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गुवाहाटी मेथामफेटामाइन जब्ती मामले में तीन तस्करों को 15 साल की कठोर कारावास की सजा

गुवाहाटी में 2020 के मेथामफेटामाइन जब्ती मामले में तीन दोषियों को 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। एनसीबी ने 2.146 किलोग्राम नशीली गोलियां बरामद की थीं।

असम के गुवाहाटी में वर्ष 2020 में सामने आए मेथामफेटामाइन जब्ती मामले में तीन मादक पदार्थ तस्करों को 15-15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत के इस फैसले को नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह मामला 14 अक्टूबर 2020 का है, जब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की गुवाहाटी जोनल यूनिट ने बड़ी मात्रा में मेथामफेटामाइन बरामद किया था। अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई नशीली दवा टैबलेट के रूप में थी और इसका कुल वजन 2.146 किलोग्राम था।

एनसीबी की टीम ने यह कार्रवाई गुवाहाटी के खानापारा इलाके में वीआईपी रोड स्थित रहमान हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड के पास की थी। जांच एजेंसी ने बरामद नशीले पदार्थ को जब्त करने के बाद मामले में शामिल आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की थी।

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जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने तीनों को मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े अपराध में दोषी पाया और प्रत्येक को 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

मेथामफेटामाइन एक शक्तिशाली सिंथेटिक नशीला पदार्थ है, जिसकी अवैध तस्करी और सेवन स्वास्थ्य तथा समाज के लिए गंभीर खतरा माना जाता है। देश में मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए एनसीबी लगातार अभियान चलाता रहा है।

गुवाहाटी में हुई इस बड़ी जब्ती और अब दोषियों को मिली सजा से यह संदेश भी जाता है कि संगठित मादक पदार्थ तस्करी के मामलों में कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है। मामले में अदालत के फैसले से जांच एजेंसी की कार्रवाई को कानूनी आधार भी मिला है।

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