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TMC को बड़ा झटका: राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव का इस्तीफा, हिमंता से मुलाकात के बाद अटकलें तेज

टीएमसी सांसद सुष्मिता देव ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उनकी हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात ने भाजपा में शामिल होने की अटकलों को तेज कर दिया है।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को एक और बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन को पत्र के माध्यम से सौंपा।

अपने इस्तीफे में सुष्मिता देव ने लिखा कि वे राज्यसभा की सदस्यता से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे रही हैं और अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए उन्होंने संसद सचिवालय और सभी संबंधित अधिकारियों का आभार जताया।

यह टीएमसी के लिए दूसरा बड़ा झटका है, क्योंकि इससे पहले पार्टी के एक अन्य सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने भी राज्यसभा से इस्तीफा दिया था। इसके अलावा, लोकसभा में भी पार्टी को बड़ा नुकसान हुआ है, जहां उसके 28 में से 20 सांसदों ने बगावत करते हुए सत्ताधारी एनडीए का समर्थन किया।

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इन इस्तीफों के बाद राज्यसभा में टीएमसी के सांसदों की संख्या घटकर 11 रह गई है, जिससे पार्टी की संसदीय ताकत कमजोर हो गई है।

इसी बीच एक और राजनीतिक हलचल तब देखने को मिली जब इस्तीफा देने के कुछ ही मिनटों बाद सुष्मिता देव ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उनके भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं।

यह घटनाक्रम ममता बनर्जी के लिए लगातार राजनीतिक झटकों की श्रृंखला का हिस्सा माना जा रहा है। इससे पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा में भी 58 विधायकों द्वारा कथित रूप से बागी नेता का समर्थन करने की खबरें सामने आई थीं।

सुष्मिता देव मूल रूप से कांग्रेस नेता रही हैं और असम के सिलचर लोकसभा क्षेत्र से सांसद रह चुकी हैं। वर्ष 2021 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर टीएमसी का दामन थामा था और पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बाद में उन्हें राज्यसभा भेजा गया था।

अब उनके इस्तीफे और संभावित राजनीतिक बदलाव से टीएमसी में अंदरूनी संकट और गहरा गया है।

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