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या तो ईरान के साथ समझौता होगा या फिर अमेरिका काम पूरा कर देगा: शांति वार्ता के बीच तेहरान को ट्रंप की कड़ी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को समझौता या कड़ी कार्रवाई का विकल्प दिया। शांति वार्ता बेनतीजा रहने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति वार्ता के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि या तो ईरान समझौता करे या फिर अमेरिका "काम पूरा करेगा।" ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब पिछले सप्ताह समाप्त हुई अमेरिका-ईरान की अप्रत्यक्ष वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। हालांकि संघर्ष के बाद 60 दिनों का युद्धविराम लागू किया गया था, ताकि कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं बन सकें।

व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, "हम किसी भी स्थिति में जीतेंगे। या तो हम समझौता करेंगे या फिर अपना काम पूरा करेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि बातचीत के जरिए समाधान निकालना है।

ट्रंप ने दावा किया कि यदि अमेरिका चाहे तो कुछ ही घंटों में ईरान के महत्वपूर्ण पुलों, ऊर्जा आपूर्ति प्रणाली और बिजली उत्पादन संयंत्रों को पूरी तरह नष्ट कर सकता है। उन्होंने कहा, "हम एक दोपहर के भीतर उनके सभी बिजली संयंत्र खत्म कर सकते हैं और ईरान यह अच्छी तरह जानता है।"

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इससे पहले भी ट्रंप ने कहा था कि यदि अमेरिका चाहे तो ईरान के बचे हुए शीर्ष नेतृत्व को "एक ही हमले" में खत्म कर सकता है। उन्होंने यह टिप्पणी अयातुल्ला अली ख़ामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार के दौरान एकत्र हुए वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों के संदर्भ में की थी। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका ऐसा नहीं करेगा, क्योंकि वह तेहरान के साथ बातचीत के रास्ते खुले रखना चाहता है।

ट्रंप के इस बयान की ईरान ने तीखी आलोचना की है। आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने कहा कि अमेरिका न तो ईरान की सभ्यता, इतिहास और सम्मान को समझ सकता है और न ही उसके लोगों की भावनाओं को। दूतावास ने कहा, "लोगों की हत्या की जा सकती है, लेकिन विचारों को नहीं। अयातुल्ला अली ख़ामेनेई अब नहीं रहे, लेकिन उनके विचार पूरी दुनिया में फैल चुके हैं।"

दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव पश्चिम एशिया की सुरक्षा और भविष्य की शांति वार्ता के लिए नई चुनौतियां पैदा कर रहा है।

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