क्या चीन ने पाकिस्तान के रास्ते ईरान को भेजे 400 रॉकेट लॉन्चर? रिपोर्टों पर ट्रंप बोले- ऐसा हुआ तो होगी निराशा
चीन द्वारा पाकिस्तान के रास्ते ईरान को 400 रॉकेट लॉन्चर भेजने की अपुष्ट रिपोर्टों पर डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि यह सच हुआ तो उन्हें निराशा होगी।
ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक नई रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि चीन ने पाकिस्तान के रास्ते ईरान को 400 रॉकेट लॉन्चर भेजे हैं। हालांकि, इन दावों की अब तक किसी स्वतंत्र एजेंसी या संबंधित सरकारों ने पुष्टि नहीं की है। इसके बावजूद इस खबर ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव को लेकर नई अटकलों को जन्म दे दिया है।
इन रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि यह जानकारी सही साबित होती है तो यह बेहद चौंकाने वाली होगी। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, "अगर ऐसा हुआ है तो यह आश्चर्यजनक होगा। ऐसी बातें होती रहती हैं, लेकिन राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने मुझसे स्पष्ट रूप से कहा था कि चीन इस मामले में शामिल नहीं होगा। वह जानते हैं कि यदि ऐसा हुआ तो मुझे बहुत निराशा होगी।"
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में ट्रंप ने ईरान को कड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी, जिससे पूरे क्षेत्र में संघर्ष और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि, चीन या पाकिस्तान की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इसी तरह 400 रॉकेट लॉन्चरों की कथित खेप भेजे जाने की भी कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद भू-राजनीतिक विशेषज्ञ इस घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि यदि इन दावों में सच्चाई पाई जाती है तो इससे क्षेत्रीय संघर्ष में अन्य वैश्विक शक्तियों की भूमिका बढ़ सकती है।
मध्य पूर्व के मुद्दे के अलावा ट्रंप ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका एआई के क्षेत्र में चीन से काफी आगे है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को नवाचार पर अनावश्यक प्रतिबंध नहीं लगाने चाहिए, क्योंकि जो देश एआई की दौड़ जीतेगा, वही भविष्य की वैश्विक तकनीकी बढ़त हासिल करेगा।