तिब्बत में 5.0 तीव्रता का भूकंप, नेपाल सीमा के पास कांपी धरती; बाढ़ में 1,200 से अधिक मौतों के बाद झटके
तिब्बत में गुरुवार को 5.0 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र नेपाल सीमा के पास बताया गया। यह झटके ग्लेशियर जनित बाढ़ में 1,200 से अधिक मौतों के बाद आए।
तिब्बत में गुरुवार को 5.0 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र नेपाल के पास स्थित एक कस्बे में बताया गया है। यह घटना हिमालयी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के कुछ ही दिनों बाद हुई है। ग्लेशियर टूटने से आई अचानक बाढ़ ने नेपाल में भारी तबाही मचाई थी, जिसमें 1,200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप दोपहर करीब 1 बजकर 46 मिनट पर आया। इसकी गहराई जमीन से लगभग 14 किलोमीटर नीचे बताई गई है। केंद्र ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.0 दर्ज की गई।
भूकंप का केंद्र नेपाल सीमा के नजदीक होने के कारण इसके झटके आसपास के इलाकों में भी महसूस किए जाने की संभावना है। हालांकि, शुरुआती जानकारी में भूकंप से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं की गई है।
और पढ़ें: भूकंप नहीं, ग्लेशियर ढहने से आई नेपाल में विनाशकारी बाढ़; 160 से अधिक लोगों की मौत
नेपाल पहले से ही प्राकृतिक आपदा की गंभीर स्थिति से गुजर रहा है। हाल में ग्लेशियर के ढहने के बाद अचानक आई बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई। तेज बहाव में बड़ी संख्या में लोग, घर और बुनियादी ढांचा प्रभावित हुआ। राहत और बचाव अभियान के बीच मृतकों की संख्या 1,200 से अधिक पहुंच गई है।
भूकंप के कारण हिमालयी क्षेत्र में लोगों की चिंताएं और बढ़ गई हैं। अधिकारियों की ओर से प्रभावित इलाकों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। भूकंप के बाद किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने आने पर उसका आकलन किया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, हिमालय दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में शामिल है, जहां भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों के कारण समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं। तिब्बत और नेपाल का सीमावर्ती क्षेत्र भी भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है।
और पढ़ें: नेपाल ने भूटान की भूकंप तैयारियों को मजबूत करने में की मदद, मोदी समर्थित गठबंधन का मिला सहयोग