राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों के इस्तीफे पर AAP का पहला बयान: पंजाब माफ नहीं करेगा
राघव चड्ढा समेत सात राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे के बाद AAP ने कहा कि पंजाब की जनता इस कदम को माफ नहीं करेगी और इसे राजनीतिक साजिश बताया।
आम आदमी पार्टी (AAP) को अपने राज्यसभा सांसदों के बड़े पैमाने पर इस्तीफे के बाद राजनीतिक झटका लगा है। राघव चड्ढा सहित सात सांसदों के पार्टी छोड़ने और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की घोषणा के बाद पार्टी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।
AAP नेता संजय सिंह ने इस घटनाक्रम पर कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और जनता के जनादेश के साथ विश्वासघात जैसा है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता इस तरह के कदम को कभी स्वीकार नहीं करेगी और इन सभी सात “बागी” सांसदों को माफ नहीं करेगी।
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आम आदमी पार्टी को कमजोर करना है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने हमेशा ईमानदारी और जनता की सेवा की राजनीति की है, लेकिन कुछ नेताओं ने व्यक्तिगत लाभ के लिए संगठन छोड़ने का रास्ता चुना है।
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उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक इस घटनाक्रम से निराश नहीं होंगे, बल्कि और मजबूत होकर पार्टी के साथ खड़े रहेंगे। संजय सिंह ने दावा किया कि पंजाब में AAP की सरकार जनता के समर्थन से मजबूत है और ऐसे इस्तीफों का कोई असर जमीनी स्तर पर नहीं पड़ेगा।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विपक्षी दलों की ओर से भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं, जबकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम पार्टी के भीतर गंभीर असंतोष को दर्शाता है।
राघव चड्ढा और अन्य सांसदों के इस्तीफे को लेकर पार्टी के अंदर मंथन जारी है। AAP नेतृत्व का कहना है कि वे स्थिति का आकलन कर आगे की रणनीति तय करेंगे।
इस बीच, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले समय में और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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