सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके का नया वीडियो संदेश, बोले- यह तो सिर्फ शुरुआत है
सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने 37 दिन लंबे जंतर-मंतर आंदोलन के बाद समर्थकों और आलोचकों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पार्टी की यात्रा अभी शुरू हुई है।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर 37 दिनों तक चले आंदोलन को खत्म करने के बाद रविवार सुबह एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने आंदोलन के दौरान साथ देने वाले समर्थकों का धन्यवाद किया और कहा कि "यह तो सिर्फ शुरुआत है।"
सीजेपी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और केंद्र सरकार द्वारा संगठन की कई मांगें स्वीकार किए जाने के बाद अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया था। इनमें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने और दर्ज मामलों को लेकर आश्वासन जैसी मांगें शामिल थीं।
अपने वीडियो संदेश में अभिजीत दीपके ने कहा कि लंबे समय बाद वह शांति से सो पाए और बिना किसी चिंता के सुबह उठ सके। उन्होंने कहा कि पिछले 37 दिन बेहद चुनौतीपूर्ण रहे और यह संघर्ष सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि पूरी टीम के लिए कठिन था।
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दीपके ने पूरे देश में सीजेपी का समर्थन करने वाले लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भरोसा रखा और उस समय साथ दिया जब कई लोग आंदोलन पर सवाल उठा रहे थे, उनके सहयोग के बिना यह संभव नहीं होता।
उन्होंने जंतर-मंतर पर आंदोलन के दौरान मौजूद रहे समर्थकों से व्यक्तिगत रूप से नहीं मिल पाने के लिए माफी भी मांगी। दीपके ने बताया कि वह टाइफाइड से पीड़ित हैं और उनका बुखार काफी बढ़ गया था, जिसके कारण उन्हें घर लौटना पड़ा।
उन्होंने 37 दिनों तक जंतर-मंतर पर डटे रहे लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके समर्थन और समर्पण ने आंदोलन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही उन्होंने उन लोगों का भी धन्यवाद किया जिन्होंने आंदोलन की आलोचना की और सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आलोचनाओं से संगठन को खुद को बेहतर बनाने का मौका मिला।
अपने संदेश के अंत में अभिजीत दीपके ने कहा, "जैसा कि मैं पहले दिन से कह रहा हूं, यह सिर्फ शुरुआत है। कॉकरोच जनता पार्टी को अभी लंबा सफर तय करना है और हम निश्चित रूप से आगे बढ़ेंगे।"
गौरतलब है कि सीजेपी ने शनिवार को जंतर-मंतर पर अपना आंदोलन समाप्त किया था। संगठन के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया था कि सरकार ने छात्रों से जुड़े मामलों में दर्ज एफआईआर वापस लेने और भविष्य में कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया है।
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