अमेरिका में सिविल फ्रॉड केस: गौतम अदाणी और सागर अदाणी ने एसईसी नोटिस स्वीकार करने पर दी सहमति, 90 दिन में देंगे जवाब
अमेरिकी एसईसी के सिविल फ्रॉड मामले में गौतम और सागर अदाणी ने कानूनी नोटिस स्वीकार किया, अदालत की मंजूरी के बाद 90 दिनों में जवाब दाखिल की जाएगी।
अमेरिका में चल रहे सिविल फ्रॉड मामले में उद्योगपति गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी ने अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (यूएस एसईसी) द्वारा भेजे जाने वाले कानूनी नोटिस को स्वीकार करने पर सहमति जता दी है। इस सहमति के तहत अब उन्हें औपचारिक रूप से नोटिस दिए जाने में किसी न्यायिक आदेश की आवश्यकता नहीं होगी। यह जानकारी न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित संघीय अदालत में दाखिल एक संयुक्त आवेदन में सामने आई है।
अदालती दस्तावेज़ों के अनुसार, यूएस एसईसी और गौतम व सागर अदाणी का प्रतिनिधित्व कर रहे अमेरिका-आधारित वकीलों ने नोटिस की सेवा स्वीकार करने पर सहमति जताई है। हालांकि, यह सहमति अदालत की मंजूरी के अधीन होगी। यदि न्यायाधीश इस संयुक्त आवेदन को स्वीकार कर लेते हैं, तो मामला आगे बढ़ सकेगा और अदाणी पक्ष को अपने बचाव या याचिका दायर करने के लिए 90 दिनों का समय मिलेगा।
न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार, यदि अदाणी पक्ष 90 दिनों में अपना जवाब या मुकदमा खारिज करने की अर्जी दाखिल करता है, तो उसके बाद एसईसी को 60 दिनों में अपना विरोध दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। इसके पश्चात प्रतिवादी 45 दिनों के भीतर उस पर जवाब दे सकेंगे। यह प्रक्रिया अमेरिकी कानूनी व्यवस्था में एक सामान्य और सुव्यवस्थित कदम मानी जाती है।
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यूएस एसईसी ने नवंबर 2024 में यह मुकदमा दायर किया था, जिसमें आरोप लगाया गया कि गौतम और सागर अदाणी ने अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड से जुड़ी जानकारियों में कथित रूप से गलत और भ्रामक प्रस्तुति देकर अमेरिकी प्रतिभूति कानूनों का उल्लंघन किया। इसके अलावा, न्यूयॉर्क के संघीय अभियोजकों ने भारत में सौर ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े कथित 265 मिलियन अमेरिकी डॉलर की रिश्वत योजना से संबंधित आरोप भी लगाए हैं।
अदाणी समूह और संस्थापक परिवार ने इन सभी आरोपों को बार-बार निराधार बताया है। समूह का कहना है कि यह मामला पूरी तरह सिविल प्रकृति का है और न तो कंपनी और न ही इसके निदेशकों पर किसी प्रकार के आपराधिक आरोप लगाए गए हैं। अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने भी स्पष्ट किया है कि कंपनी इस कानूनी कार्यवाही का पक्षकार नहीं है और उसके कारोबार पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
समूह के अनुसार, उसके सभी प्रोजेक्ट और कारोबारी गतिविधियां सामान्य रूप से जारी हैं और वह पारदर्शिता, सुशासन और नियामकीय अनुपालन के उच्चतम मानकों का पालन करता है।
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