भगवान जगन्नाथ के AI वीडियो वायरल, पुरी मंदिर प्रशासन ने दर्ज कराई पुलिस शिकायत
पुरी में भगवान जगन्नाथ के AI-जनरेटेड फर्जी वीडियो वायरल होने पर मंदिर प्रशासन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, कहा गया कि इससे भक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
ओडिशा के पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने भगवान जगन्नाथ की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाई गई तस्वीरों और वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इन कथित फर्जी और आपत्तिजनक विजुअल्स के सामने आने के बाद श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) ने सोमवार, 19 जनवरी 2026 को सिंहद्वार थाना में ‘vishvrajcreation’ नामक एक सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि इस अकाउंट से भगवान जगन्नाथ के ऐसे AI-जनरेटेड फोटो और वीडियो पोस्ट किए गए, जिनका मंदिर की परंपराओं या वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
SJTA की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर भगवान जगन्नाथ की कुछ अस्वीकार्य और मनगढ़ंत AI तस्वीरें और वीडियो डाले गए हैं, जिससे भक्तों की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। मंदिर प्रशासन के विशेष सुरक्षा अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि इन आपत्तिजनक सामग्रियों के कारण श्रद्धालुओं में नाराजगी और आक्रोश फैल गया है।
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वायरल वीडियो में से एक में दिखाया गया है कि पुरी मंदिर के सामने क्रेन की मदद से भगवान जगन्नाथ पर दूध डाला जा रहा है। जगन्नाथ संस्कृति के शोधकर्ता भास्कर मिश्रा ने इसे पूरी तरह से काल्पनिक और अवास्तविक बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह का दृश्य न तो किसी परंपरा का हिस्सा है और न ही इसका कोई धार्मिक आधार है।
मंदिर अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भी मंदिर के अंदर से बिना अनुमति तस्वीरें लेने और वीडियो फैलाने की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन यह पहली बार है जब AI तकनीक का इस्तेमाल कर भगवान जगन्नाथ का अपमानजनक कंटेंट बनाया गया है।
इस घटना को गंभीरता से लेते हुए 12वीं सदी के इस पवित्र मंदिर की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था, श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति (SJTMC), ने हाल ही में कानून में संशोधन करने का फैसला किया है, ताकि इस तरह की गतिविधियों को गैरकानूनी और दंडनीय बनाया जा सके।
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