एयर इंडिया विमान हादसे की अंतिम रिपोर्ट अक्टूबर में होगी दाखिल, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी
अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसे की जांच रिपोर्ट अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट में पेश होगी। केंद्र ने देरी का कारण तकनीकी जांच और विदेश भेजे गए विमान पुर्जों की जांच बताया।
एयर इंडिया के विमान हादसे की जांच कर रही विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की अंतिम रिपोर्ट अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की जाएगी। केंद्र सरकार ने मंगलवार को शीर्ष अदालत को बताया कि जून 2025 में अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे की जांच की प्रारूप अंतिम रिपोर्ट अक्टूबर के पहले सप्ताह में पेश की जाएगी।
केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ को जानकारी दी कि फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स जांच एजेंसी एएआईबी को अपने सुझाव दे सकता है। इसके बाद एएआईबी जरूरत पड़ने पर उन सुझावों की समीक्षा कर सकती है और जांच में शामिल कर सकती है।
तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ताओं की मांग के अनुसार विमान हादसे से जुड़े चार सिमुलेशन परीक्षण भी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अंतिम प्रारूप रिपोर्ट को बंद लिफाफे में अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए 13 अक्टूबर की तारीख तय की है।
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यह मामला उन याचिकाओं से जुड़ा है जिनमें एक कानून छात्र, मृत पायलट के पिता और एक गैर सरकारी संगठन ने हादसे की स्वतंत्र तथा अदालत की निगरानी में जांच की मांग की है। एयर इंडिया की उड़ान एआई-171 दुर्घटना में 250 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और केवल एक व्यक्ति जीवित बचा था।
इससे पहले एएआईबी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा था कि दुर्घटना से जुड़े कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग और एयरबोर्न इमेज रिकॉर्डिंग को किसी बाहरी समिति या आम जनता के साथ साझा करने पर कानूनी रोक है। एजेंसी ने कहा कि ऐसा करना विमान दुर्घटना जांच नियम, 2025 के प्रावधानों का उल्लंघन होगा।
तुषार मेहता ने रिपोर्ट में देरी का कारण बताते हुए कहा कि विमान के कई हिस्सों को विशेष फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के लिए विदेश भेजा गया था। इन पुर्जों की जांच पूरी होने और भारत लौटने में समय लगा, जिसके कारण जांच प्रक्रिया लंबी हुई।
गौरतलब है कि बोइंग 787-8 विमान, जो अहमदाबाद से लंदन के गैटविक हवाई अड्डे जा रहा था, उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान के पायलट कैप्टन सुमीत सभरवाल और सह-पायलट कैप्टन क्लाइव कुंदर थे। मृतकों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे।
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