विमानन कंपनियाँ अब उपद्रवी यात्रियों पर 30 दिन तक का उड़ान प्रतिबंध लगा सकती हैं
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने विमान में उपद्रवी या विघटनकारी यात्रियों के लिए कारवाई कड़े करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसके तहत एयरलाइंस 30 दिन तक का उड़ान प्रतिबंध लगा सकेंगी।
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने उपद्रवी या विघटनकारी यात्रियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत एयरलाइंस को सीधे तौर पर 30 दिनों तक के लिए उड़ान प्रतिबंध लगाने की अनुमति मिल सकती है। इस बदलाव के तहत, विमानन कंपनियाँ अब मामले को संबंधित प्राधिकृत प्राधिकरण के पास भेजे बिना ही यात्री पर प्रतिबंध लगा सकेंगी।
वर्तमान में, जब कोई यात्री विमान में अनियंत्रित या अव्यवस्थित व्यवहार करता है, तो एयरलाइंस को मामला संबंधित अधिकारी के पास भेजने का प्रावधान है। अब DGCA के प्रस्तावित संशोधनों के तहत, एयरलाइन ऑपरेटरों को अधिक अधिकार दिया जाएगा। यह कदम विमान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, ताकि एयरलाइंस विमानों में शांति बनाए रख सकें और किसी भी प्रकार के विघटन से बच सकें।
इस प्रस्ताव के बाद, यदि कोई यात्री विमान में किसी तरह की गड़बड़ी या अव्यवस्था करता है, तो एयरलाइंस सीधे उसे 30 दिन तक का उड़ान प्रतिबंध लगा सकती हैं। इसके बाद मामले की विस्तृत जांच की जाएगी और यदि आवश्यक हो, तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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नागर विमानन महानिदेशालय का यह कदम ऐसे यात्रियों के लिए एक कड़ा संदेश है, जो विमान यात्राओं के दौरान अनुशासनहीनता या असामान्य व्यवहार करते हैं। यह कदम विमानन क्षेत्र में अनुशासन बनाए रखने में मदद करेगा और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संकेत है।