अमरनाथ यात्रा 2026: पवित्र गुफा के अमर कबूतरों की रहस्यमयी कथा, शिव-पार्वती की अमरकथा से जुड़ी मान्यता
अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू हो गई है। मान्यता है कि गुफा में दो अमर कबूतरों के दर्शन होते हैं, जिन्हें भगवान शिव की अमरकथा सुनकर अमरता का वरदान मिला था।
अमरनाथ यात्रा 2026 की शुरुआत 3 जुलाई से हो चुकी है और यह 28 अगस्त 2026 तक चलेगी। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में शामिल होकर बाबा बर्फानी के दर्शन करते हैं और स्वयं को धन्य मानते हैं। लेकिन इस यात्रा से जुड़ी एक ऐसी रहस्यमयी मान्यता भी है, जिसे बहुत कम लोग जानते हैं—दो अमर कबूतरों की कथा।
मान्यता के अनुसार, अमरनाथ गुफा में दो सफेद कबूतरों का दर्शन अत्यंत शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि जिन श्रद्धालुओं को ये कबूतर दिखाई देते हैं, उनका भाग्य बदल जाता है और उन्हें सीधे भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है। पौराणिक कथाओं में इन कबूतरों को साधारण पक्षी नहीं बल्कि अमर प्राणी बताया गया है, जिन्होंने स्वयं भगवान शिव द्वारा सुनाई गई अमरकथा सुन ली थी।
कथा के अनुसार, एक समय माता पार्वती ने भगवान शिव से अमरता का रहस्य जानने की इच्छा जताई। इसके लिए भगवान शिव ने हिमालय में स्थित एक गुप्त गुफा को चुना, जिसे आज अमरनाथ गुफा कहा जाता है। यहां उन्होंने माता पार्वती को अमरकथा सुनाना शुरू किया।
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यात्रा के दौरान भगवान शिव ने कई स्थानों को छोड़ा—पहलगाम में नंदी, चंदनवाड़ी में चंद्रमा, शेषनाग में नाग और पंचतरणी में गंगा को छोड़ा। अंत में वे माता पार्वती के साथ अमरनाथ गुफा पहुंचे।
कथा सुनते-सुनते माता पार्वती को नींद आ गई, लेकिन उसी समय दो कबूतर गुफा में मौजूद थे और उन्होंने पूरी अमरकथा सुन ली। भगवान शिव को पहले लगा कि पार्वती ही आवाज दे रही हैं, लेकिन बाद में सत्य सामने आया।
क्रोधित होने के बावजूद, कबूतरों ने क्षमा याचना की और कहा कि यदि उन्हें दंड मिला तो अमरकथा झूठी हो जाएगी। तब भगवान शिव ने उन्हें अमर होने का वरदान दिया और कहा कि वे सदैव अमरनाथ गुफा में निवास करेंगे।
आज भी मान्यता है कि कुछ भाग्यशाली श्रद्धालुओं को इन दिव्य कबूतरों के दर्शन प्राप्त होते हैं।