अमेरिकी ब्याज दर बढ़ोतरी की आशंका घटने से एशियाई बाजारों में तेजी
नरम अमेरिकी महंगाई आंकड़ों से फेडरल रिजर्व की दर वृद्धि की आशंका घटी, जिससे एशियाई शेयर बाजारों में तेजी आई। हालांकि मध्य पूर्व तनाव और तेल कीमतें चिंता बनी रहीं।
एशियाई शेयर बाजारों में शुक्रवार को तेजी रही और बाजार दो महीनों की सबसे मजबूत साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने की ओर बढ़े। अमेरिका में महंगाई के अपेक्षाकृत नरम आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा निकट भविष्य में ब्याज दर बढ़ाने की आशंका को कम कर दिया है। हालांकि, मध्य पूर्व में युद्ध समाप्त करने के लिए चल रही बातचीत में ठहराव के कारण निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर दबाव बना हुआ है।
ब्रेंट कच्चे तेल का वायदा भाव 87.03 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर रहा। गुरुवार को कीमतों में गिरावट के बावजूद इस सप्ताह ब्रेंट करीब चार प्रतिशत की बढ़त की ओर है। इससे इसकी लगातार दो सप्ताह की गिरावट का सिलसिला टूटने की संभावना है। अमेरिका द्वारा ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने और नौसैनिक नाकाबंदी के विस्तार की धमकी के बाद तेल बाजार में तेजी देखने को मिली।
बाजारों ने फिलहाल ईरान युद्ध समाप्त करने की दिशा में प्रगति नहीं होने को नजरअंदाज किया है। निवेशकों का ध्यान व्यापक कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र और दुनियाभर में मौद्रिक नीति के रुख पर केंद्रित है। इस सप्ताह जारी अमेरिकी महंगाई आंकड़ों से संकेत मिला कि कीमतों पर दबाव फिलहाल नियंत्रण में है। इससे अगले महीने फेडरल रिजर्व की दर वृद्धि की संभावना कमजोर हुई है।
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सैक्सो की मुख्य निवेश रणनीतिकार चारु चनाना ने कहा कि फिलहाल जोखिम लेने की क्षमता कायम रह सकती है, क्योंकि फेड की तत्काल दर वृद्धि का खतरा कम आंका जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अपेक्षाकृत नरम तेल कीमतें बाजार के लिए मददगार हैं। हालांकि, उनके मुताबिक मौजूदा तेजी पूरी तरह जोखिम लेने वाली स्थिति नहीं है, बल्कि समाचारों से प्रभावित है। मध्य पूर्व और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर स्पष्टता नहीं होने पर तेल कीमतों में फिर उछाल महंगाई और फेड की चिंता बढ़ा सकता है।
एमएससीआई का जापान को छोड़कर एशिया-प्रशांत शेयर सूचकांक 0.28 प्रतिशत बढ़ा और इस सप्ताह करीब 2.7 प्रतिशत की बढ़त की ओर है। जापान का निक्केई सूचकांक 1.5 प्रतिशत चढ़ा और साप्ताहिक आधार पर पांच प्रतिशत से अधिक मजबूत होने की संभावना है।
फेडरेटेड हर्मीस के वरिष्ठ पोर्टफोलियो प्रबंधक जॉन सिदावी ने कहा कि हाल के महीनों में भू-राजनीतिक अनिश्चितता और परिसंपत्तियों की अस्थिरता के बीच अंतर बढ़ा है। उनके अनुसार बाजार फिलहाल काफी अनिश्चितता को स्वीकार कर रहे हैं, लेकिन यह स्थिति स्थायी नहीं रह सकती।
येन पर हस्तक्षेप का दबाव
जापानी येन 159.40 प्रति अमेरिकी डॉलर के आसपास रहा और 160 के महत्वपूर्ण स्तर के करीब पहुंच गया। कारोबारियों का मानना है कि इस स्तर के पार जाने पर टोक्यो की ओर से येन खरीदने के लिए फिर हस्तक्षेप किया जा सकता है। जुलाई के अंत में अमेरिका के साथ संयुक्त हस्तक्षेप के बावजूद कमजोर येन को स्थिर करने में अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी।
कारोबारियों को अब उम्मीद है कि बैंक ऑफ जापान अगले महीने ब्याज दर बढ़ाकर येन को समर्थन दे सकता है। हालांकि, सितंबर की बैठक में यदि बैंक का रुख पर्याप्त आक्रामक नहीं रहा तो निवेशकों को निराशा हो सकती है।
आईएनजी के वैश्विक दर और ऋण रणनीति प्रमुख पाधरैक गार्वी ने कहा कि येन की कमजोरी का कारण बैंक ऑफ जापान का अत्यधिक सतर्क रुख और कम नीतिगत दर है। उनके अनुसार दरों में वृद्धि से स्थिति सुधारी जा सकती है।
कमोडिटी बाजार में सोना 0.8 प्रतिशत गिरकर 4,313 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। पिछले सत्र में सोना जून की शुरुआत के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा था, जिसके बाद कारोबारियों ने मुनाफावसूली की।
सीएमई फेडवॉच के अनुसार अगले महीने फेड की दर वृद्धि की संभावना अब 35 प्रतिशत है, जबकि एक सप्ताह पहले यह 55 प्रतिशत थी। इससे अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड में तेजी आई, हालांकि कमजोर 30-वर्षीय बॉन्ड नीलामी ने बढ़त को सीमित किया।
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