गौरव गोगोई के कथित पाकिस्तान लिंक मामला MHA को सौंपेगी असम सरकार
असम सरकार ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के कथित पाकिस्तान लिंक मामले को गृह मंत्रालय को सौंपने का फैसला लिया। वहीं गोगोई ने सीएम सरमा के परिवार पर जमीन कब्जाने का आरोप लगाया।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की है कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के कथित पाकिस्तान संबंधों से जुड़े मामले को केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय (एमएचए) को भेजा जाएगा। यह फैसला शनिवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में लिया गया। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि यह मामला गंभीर है और इसकी जांच राष्ट्रीय स्तर पर होनी चाहिए, क्योंकि यह केवल असम तक सीमित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह मामला तीन लोगों से जुड़ा है, जिनमें एक मौजूदा सांसद, उनकी ब्रिटिश नागरिक पत्नी और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख शामिल हैं। उन्होंने कहा कि असम सरकार ने पहले एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया था, जो कथित भारत विरोधी साजिश की जांच कर रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे अब गृह मंत्रालय को सौंपने का निर्णय लिया गया है।
इस बीच असम की राजनीति में नया विवाद भी शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के परिवार पर राज्य में बड़े पैमाने पर जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। गोगोई ने दावा किया कि मुख्यमंत्री के परिवार ने असम के विभिन्न इलाकों में करीब 12 हजार बीघा जमीन पर अवैध कब्जा किया है।
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इन आरोपों को मुख्यमंत्री सरमा ने सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि वह गोगोई के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे। वहीं गोगोई ने पलटवार करते हुए कहा कि कानूनी कार्रवाई की धमकी से साफ है कि मुख्यमंत्री दबाव में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान लिंक का मुद्दा जमीन विवाद से ध्यान भटकाने के लिए उठाया गया है।
राज्य की राजनीति में इस मुद्दे ने कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप को और तेज कर दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि गृह मंत्रालय इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है।
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