ऑस्ट्रेलिया में भीषण बुशफायर: सैकड़ों घर जलकर खाक, एक की मौत
दक्षिण-पूर्वी ऑस्ट्रेलिया में भीषण बुशफायर से 70 से अधिक घर नष्ट हो गए और एक व्यक्ति की मौत हुई। अत्यधिक गर्मी और सूखी हवाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया।
दक्षिण-पूर्वी ऑस्ट्रेलिया में भीषण बुशफायर (जंगल की आग) ने भारी तबाही मचाई है। अधिकारियों ने रविवार (11 जनवरी 2026) को पुष्टि की कि इस आपदा में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि सैकड़ों इमारतें जलकर नष्ट हो चुकी हैं। विक्टोरिया राज्य में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया, जिससे दर्जनों आग की घटनाएं भड़क उठीं और कुल मिलाकर 3 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र प्रभावित हुआ।
आपातकालीन प्रबंधन आयुक्त टिम वीबुश ने बताया कि अब तक 300 से ज्यादा इमारतें पूरी तरह जल चुकी हैं, जिनमें ग्रामीण इलाकों की शेड और अन्य संरचनाएं भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कम से कम 70 घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, जबकि बड़े पैमाने पर खेती योग्य भूमि और प्राकृतिक जंगल भी आग की चपेट में आ गए हैं।
रविवार को मौसम की स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिला, जिससे दमकलकर्मियों को आग पर काबू पाने में मदद मिली। वीबुश ने कहा, “हालात अब कुछ हद तक बेहतर हो रहे हैं, जिससे हमारे अग्निशमन दल आग पर नियंत्रण पा रहे हैं।”
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पुलिस ने बताया कि मेलबर्न से करीब दो घंटे की दूरी पर स्थित लॉन्गवुड कस्बे के पास लगी आग में एक व्यक्ति की मौत हो गई। फॉरेस्ट फायर मैनेजमेंट विक्टोरिया के क्रिस हार्डमैन ने कहा कि यह घटना स्थानीय समुदाय के लिए बेहद दुखद है।
इस सप्ताह ली गई तस्वीरों में लॉन्गवुड के पास आग की लपटों से रात का आसमान नारंगी रंग में चमकता नजर आया। एक पशुपालक स्कॉट पर्सेल ने बताया कि हर ओर जलते अंगारे गिर रहे थे और हालात बेहद डरावने थे। वहीं, वाल्वा कस्बे के पास लगी एक अन्य आग इतनी तीव्र थी कि उसकी गर्मी से स्थानीय स्तर पर गरज-चमक वाला तूफान बन गया।
पूरे ऑस्ट्रेलिया से सैकड़ों दमकलकर्मियों को राहत कार्य के लिए बुलाया गया है। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने कहा कि अतिरिक्त सहायता के लिए कनाडा और अमेरिका से भी बातचीत की जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, उच्च तापमान और शुष्क हवाओं के कारण हालात 2019-20 की “ब्लैक समर” आग के बाद से सबसे खतरनाक बन गए हैं। शोधकर्ताओं ने बताया है कि 1910 के बाद से ऑस्ट्रेलिया का औसत तापमान 1.51 डिग्री सेल्सियस बढ़ चुका है, जिससे चरम मौसम की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
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