बांग्लादेश चुनाव 2026: बुलेट ट्रेन और नई रेल परियोजनाओं के वादों पर सियासी फोकस
बांग्लादेश चुनाव से पहले BNP, जमात और NCP ने बुलेट ट्रेन और नई रेल परियोजनाओं का वादा किया है, जिससे कनेक्टिविटी, व्यापार और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की बात कही गई है।
बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को होने वाले आम चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। देश की तीन प्रमुख पार्टियों—बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP), जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP)—ने अपने-अपने चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिए हैं। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस द्वारा अवामी लीग को भंग किए जाने के बाद यह चुनाव खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तीनों दलों के घोषणापत्र में सबसे ज्यादा जोर रेल बुनियादी ढांचे के विकास पर दिया गया है। खास तौर पर बुलेट ट्रेन कॉरिडोर और नई रेल परियोजनाएं चुनावी वादों के केंद्र में हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि परिवहन और कनेक्टिविटी सुधार को विकास का प्रमुख मुद्दा बनाया जा रहा है।
बीएनपी ने अपने घोषणापत्र में देशभर में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क विकसित करने का वादा किया है। पार्टी ने कहा है कि ढाका को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने के लिए बुलेट ट्रेन परियोजना शुरू की जाएगी। इसके तहत भविष्य में ऐसी व्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे प्रमुख शहरों के बीच यात्रा एक घंटे के भीतर पूरी की जा सके।
और पढ़ें: बांग्लादेश आम चुनाव 2026: कौन सी पार्टियाँ लड़ रही हैं और पिछले तीन चुनावों में क्या हुआ?
जमात-ए-इस्लामी और एनसीपी ने भी रेल क्षेत्र में बड़े निवेश और नए कॉरिडोर बनाने की बात कही है। इन दलों का कहना है कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही सड़क यातायात का दबाव कम होगा और देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेश में तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण को देखते हुए आधुनिक रेल नेटवर्क समय की जरूरत बन गया है। इसलिए इस चुनाव में रेल विकास एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बन गया है।
आने वाले चुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि मतदाता इन वादों को कितना समर्थन देते हैं और भविष्य में कौन सी पार्टी देश के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने में सफल होती है।
और पढ़ें: बांग्लादेश चुनाव 2026: नए राजनीतिक समीकरण से भारत-बांग्लादेश संबंधों पर पड़ सकता है बड़ा असर