हॉरर फिल्म से भी भयानक हालात: बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों को लेकर पूर्व मंत्री का बड़ा आरोप
बांग्लादेश के पूर्व मंत्री हसन महमूद ने अंतरिम सरकार पर अल्पसंख्यकों पर हिंसा रोकने में विफल रहने और चुनाव को अविश्वसनीय बनाने का आरोप लगाते हुए हालात को हॉरर फिल्म से भी भयावह बताया।
बांग्लादेश में आगामी चुनाव से पहले जारी राजनीतिक उथल-पुथल, हिंसा और अस्थिरता के बीच देश के पूर्व विदेश मंत्री हसन महमूद ने अंतरिम सरकार और मौजूदा हालात पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने हिंदुओं सहित अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को “हॉरर फिल्म से भी ज़्यादा भयानक” बताया।
एक विशेष साक्षात्कार में, अवामी लीग के वरिष्ठ नेता हसन महमूद ने कहा कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तहत बांग्लादेश में “व्यवस्थित चुनाव” की तैयारी हो रही है और देश को कट्टरपंथी तथा उग्रवादी ताकतों के हवाले कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 12 फरवरी को प्रस्तावित चुनाव की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल हैं, क्योंकि देश की सबसे लोकप्रिय पार्टी अवामी लीग और उसके सहयोगियों को चुनाव से बाहर कर दिया गया है।
महमूद ने कहा कि रॉयटर्स सहित कई सर्वेक्षणों के अनुसार 50 से 60 प्रतिशत बांग्लादेशी अब भी अवामी लीग और उसके गठबंधन का समर्थन करते हैं। उनका आरोप है कि बढ़ती महंगाई, आर्थिक कुप्रबंधन और कानून-व्यवस्था की गिरती स्थिति के कारण सरकार की लोकप्रियता तेजी से घटी है, इसी वजह से अवामी लीग को चुनावी प्रक्रिया से बाहर रखा गया।
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उन्होंने कहा कि आज बांग्लादेश में न तो कानून-व्यवस्था है और न ही सुरक्षा। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुओं, ईसाइयों, बौद्धों और अन्य अल्पसंख्यकों पर लगातार हमले हो रहे हैं, मंदिर तोड़े जा रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने झूठे ईशनिंदा आरोप में दीपू चंद्र दास की हत्या का ज़िक्र करते हुए कहा कि लोगों को पीट-पीटकर मार दिया गया, शव जलाए गए और सैकड़ों लोग वीडियो बनाते रहे—जो किसी डरावनी फिल्म से भी बदतर है।
हसन महमूद ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर कहा कि वह स्वस्थ हैं, राजनीति में सक्रिय हैं और भारत से लगातार पार्टी कार्यकर्ताओं के संपर्क में हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि पाकिस्तान समर्थित कट्टरपंथी ताकतों के उभार का असर पूरे क्षेत्र, खासकर भारत की सुरक्षा पर पड़ेगा।
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