बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमले, चार महीनों में हिंसा के 505 मामले दर्ज
बांग्लादेश में 2026 के पहले चार महीनों में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा, मंदिरों पर हमले और यौन अपराध सहित 505 मामले दर्ज किए गए हैं।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को लेकर एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने गंभीर चिंता जताई है। ह्यूमन राइट्स कांग्रेस फॉर बांग्लादेश माइनॉरिटीज़ (एचआरसीबीएम) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 के पहले चार महीनों में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न के कुल 505 मामले दर्ज किए गए हैं।
माइनॉरिटी कम्युनिटीज अंडर सस्टेन्ड अटैक इन बांग्लादेश’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच देश के 62 जिलों और सभी 8 प्रशासनिक डिवीजनों में ये घटनाएं सामने आईं।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान 95 मंदिरों पर हमले और धार्मिक हिंसा की घटनाएं दर्ज की गईं। इसके अलावा 28 यौन हिंसा के मामले सामने आए, जिनमें दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म जैसी गंभीर घटनाएं शामिल हैं। रिपोर्ट में ईशनिंदा से जुड़े 6 मामलों का भी उल्लेख किया गया है।
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मानवाधिकार संगठन ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय लगातार डर और असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि कई मामलों में पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाया और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
एचआरसीबीएम ने बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, धार्मिक स्थलों की रक्षा करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस मुद्दे पर ध्यान देने की अपील की।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाएं सामाजिक सौहार्द और धार्मिक सहिष्णुता के लिए गंभीर चुनौती बन सकती हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है।
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