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बांग्लादेश का भारत से रिश्ते रीसेट करने का संकेत, नई राजनीतिक हकीकत मानने की अपील

बांग्लादेश की नई सरकार ने भारत से रिश्तों को नई शुरुआत देने की बात कही है। BNP की जीत के बाद भारत से बदलती राजनीतिक स्थिति को स्वीकार कर पारस्परिक सहयोग बढ़ाने की अपील की गई।

ढाका से आई खबर के अनुसार बांग्लादेश ने भारत के साथ रिश्तों को नई शुरुआत देने की इच्छा जताई है। यह बयान हुमायूं कबीर ने दिया, जो तारिक रहमान के सलाहकार हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की बदल चुकी राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए अब दोनों देशों को आपसी हितों के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए।

हाल ही में हुए संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने दो-तिहाई बहुमत के साथ शानदार जीत दर्ज की है। यह चुनावी नतीजा देश की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। पहले सत्ता में रही शेख हसीना और उनकी पार्टी अवामी लीग अब सत्ता से बाहर हो चुकी है, जिसके बाद नई सरकार भारत के साथ संबंधों को नए आधार पर स्थापित करना चाहती है।

हुमायूं कबीर ने एक साक्षात्कार में कहा कि अब जिम्मेदारी भारत पर है कि वह बांग्लादेश की नई राजनीतिक वास्तविकता को स्वीकार करे। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग और साझेदारी केवल पारस्परिक लाभ के लिए होनी चाहिए। उनका मानना है कि बदलती परिस्थितियों में क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग के लिए नए दृष्टिकोण की आवश्यकता है।

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विशेषज्ञों के अनुसार, भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार, सुरक्षा और सांस्कृतिक संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं। हालांकि सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार अपने विदेश नीति के प्राथमिकताओं को फिर से तय कर रही है। ऐसे में यह बयान दोनों देशों के रिश्तों के लिए अहम संकेत माना जा रहा है।

विश्लेषकों का कहना है कि यदि दोनों देश नए सिरे से संवाद शुरू करते हैं, तो इससे क्षेत्रीय सहयोग और आर्थिक विकास को नई दिशा मिल सकती है। यह बयान दक्षिण एशिया की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत भी माना जा रहा है।

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