अनुचित आचरण: छात्रों को रोमांटिक व्हाट्सऐप संदेश भेजने पर रायगढ़ के शिक्षक की बर्खास्तगी बॉम्बे हाईकोर्ट ने सही ठहराई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने छात्रों को रोमांटिक व्हाट्सऐप संदेश भेजने के आरोप में रायगढ़ के शिक्षक की बर्खास्तगी को सही ठहराया और इसे अनुचित आचरण बताया।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने रायगढ़ ज़िले के एक स्कूल में कार्यरत परिवीक्षाधीन सहायक शिक्षक (शिक्षण सेवक) की सेवाएं समाप्त किए जाने के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा है कि छात्रों को “रोमांटिक” व्हाट्सऐप संदेश भेजना शिक्षक के पद के अनुरूप नहीं है और ऐसे मामलों में स्कूल प्रबंधन का शून्य-सहिष्णुता (ज़ीरो टॉलरेंस) रवैया उचित है।
न्यायालय ने शिक्षक की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अगस्त 2024 में स्कूल ट्रिब्यूनल, मुंबई के फैसले को चुनौती दी थी। ट्रिब्यूनल ने भी पहले शिक्षक की बर्खास्तगी के खिलाफ दायर अपील को खारिज कर दिया था।
यह मामला उस आरोप से जुड़ा है कि शिक्षक ने अपने छात्रों को व्हाट्सऐप पर रोमांटिक संदेश भेजे थे।
न्यायमूर्ति सोमशेखर सुंदरसन की एकल पीठ ने 20 जनवरी को दिए आदेश में कहा कि शिक्षक और छात्रों के बीच गंभीर आयु अंतर होने के बावजूद इस तरह के व्यक्तिगत संदेशों का आदान-प्रदान स्कूल प्रबंधन को कार्रवाई करने का अधिकार देता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि शिक्षक की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय उनके शैक्षणिक कार्य या प्रदर्शन के आधार पर नहीं, बल्कि कक्षा के बाहर उनके व्यवहार को लेकर असहजता के कारण लिया गया।
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अदालत ने कहा कि यह मामला गंभीर है, क्योंकि छात्रों के माता-पिता और स्थानीय समुदाय की ओर से शिकायतें सामने आई थीं कि 30 वर्ष की उम्र का शिक्षक छात्रों के संपर्क में था और उनके बीच व्हाट्सऐप पर रोमांटिक बातचीत हो रही थी।
हाईकोर्ट ने माना कि ऐसे आचरण से छात्रों की सुरक्षा और विश्वास पर असर पड़ता है और स्कूल प्रशासन को ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाने का पूरा अधिकार है।
इस फैसले के साथ अदालत ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षक-छात्र संबंधों में पेशेवर सीमाओं का पालन अनिवार्य है और किसी भी प्रकार का अनुचित संवाद स्वीकार्य नहीं हो सकता।
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