FSSAI की कार्रवाई के बाद बॉर्नविटा निर्माता ने हटाए भ्रामक दावे
FSSAI की कार्रवाई के बाद मॉन्डेलेज इंडिया ने बॉर्नविटा से जुड़े स्वास्थ्य और पोषण संबंधी दावे तथा ई-कॉमर्स विज्ञापन हटा दिए हैं।
बॉर्नविटा और कैडबरी जैसे लोकप्रिय उत्पाद बनाने वाली कंपनी मॉन्डेलेज इंडिया फूड्स ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की कार्रवाई के बाद अपने उत्पादों से जुड़े कुछ स्वास्थ्य और पोषण संबंधी दावे वापस ले लिए हैं। कंपनी ने संबंधित विज्ञापनों को भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से हटा दिया है।
एफएसएसएआई इन दिनों खाद्य उत्पादों से जुड़े भ्रामक विज्ञापनों, गलत दावों और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन के खिलाफ व्यापक अभियान चला रहा है। नियामक की ओर से अब तक खाद्य कंपनियों को 150 से अधिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
इस कार्रवाई के दायरे में कई बड़ी कंपनियां शामिल हैं। इनमें नेस्ले इंडिया, पेप्सिको, कोका-कोला इंडिया, एबॉट इंडिया, रेड बुल इंडिया, डैनोन इंडिया, मॉन्स्टर एनर्जी इंडिया, फेरेरो इंडिया और केनव्यू जैसी कंपनियों के नाम सामने आए हैं।
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बॉर्नविटा को लेकर इससे पहले भी विवाद हो चुका है। वर्ष 2023 में इसके उत्पाद में मौजूद चीनी की मात्रा और पोषण संबंधी दावों को लेकर सवाल उठे थे। खास तौर पर बच्चों के बीच उत्पाद के विपणन और इसे स्वास्थ्यवर्धक पेय के रूप में पेश करने के तरीके पर चर्चा हुई थी।
एफएसएसएआई का मौजूदा अभियान खाद्य उत्पादों के पैकेज, विज्ञापन और प्रचार सामग्री में किए जाने वाले दावों की जांच पर केंद्रित है। नियामक यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कंपनियां उपभोक्ताओं को ऐसे दावे न दिखाएं, जिनसे उत्पाद की गुणवत्ता, पोषण या स्वास्थ्य संबंधी विशेषताओं को लेकर भ्रम पैदा हो।
मॉन्डेलेज इंडिया ने नोटिस के बाद संबंधित स्वास्थ्य और पोषक तत्वों की तुलना वाले दावों को हटाने की कार्रवाई की है। कंपनी ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर मौजूद संबंधित विज्ञापन सामग्री को भी वापस ले लिया है।
एफएसएसएआई की बढ़ती कार्रवाई से खाद्य और पेय कंपनियों पर अपने उत्पादों की पैकेजिंग, विज्ञापन और प्रचार दावों की समीक्षा करने का दबाव बढ़ गया है। आने वाले दिनों में ऐसे मामलों में नियामक की निगरानी और सख्त होने की संभावना है।
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