BRICS डिनर के शाकाहारी मेन्यू पर विवाद के बीच आइसलैंड के पूर्व राष्ट्रपति ने सुनाया अब्दुल कलाम से जुड़ा किस्सा
BRICS डिनर के शाकाहारी मेन्यू पर विवाद के बीच आइसलैंड के पूर्व राष्ट्रपति ओलाफुर ग्रिम्सन ने 2005 में अब्दुल कलाम को शाकाहारी भोजन परोसने की घटना याद की।
BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित रात्रिभोज में परोसे गए पूरी तरह शाकाहारी भोजन को लेकर विवाद के बीच आइसलैंड के पूर्व राष्ट्रपति ओलाफुर रागनार ग्रिम्सन ने पूर्व भारतीय राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से जुड़ी एक पुरानी घटना साझा की है।
ग्रिम्सन ने बताया कि वर्ष 2005 में जब डॉ. कलाम नॉर्डिक देश की राजकीय यात्रा पर पहुंचे थे, तब उन्होंने उनके सम्मान में आयोजित राजकीय रात्रिभोज में पूरी तरह शाकाहारी भोजन परोसा था। उन्होंने कहा कि भारत के राष्ट्रपति की नॉर्डिक देशों की ऐसी पहली यात्रा के दौरान उन्होंने शाकाहारी मेन्यू रखा था।
उन्होंने कहा कि यह घटना 20 साल से अधिक पुरानी है और उस समय आइसलैंड जैसे देश में शाकाहारी भोजन की व्यवस्था करना आसान नहीं था।
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ग्रिम्सन की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों के लिए आयोजित रात्रिभोज के मेन्यू को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि रिकॉर्ड के लिए भारत की 80 प्रतिशत आबादी मांसाहारी है। उन्होंने भारतीय मांसाहारी भोजन को स्वादिष्ट बताते हुए अपनी बहन के छोले-भटूरे का भी जिक्र किया।
केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी को BRICS देशों के नेताओं के लिए परोसे गए भोजन के मेन्यू पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मेहमानों ने भारतीय शाकाहारी व्यंजनों का आनंद लिया, जिनमें स्वाद, पोषण और विभिन्न क्षेत्रीय परंपराओं की विविधता थी।
शनिवार के रात्रिभोज में खांडवी मिले, खुम्ब गलौटी, पनीर लबाबदार, गुच्छी मार्मिक, कैरट बीन पोरियल, थक्काली बेल्ले सारू, ओल्ड दिल्ली फ्रूट क्रीम विद जलेबी और शहतूत फिरनी जैसे व्यंजन परोसे गए थे। इसमें BRICS सदस्य देशों और साझेदार देशों के राष्ट्राध्यक्षों तथा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।