ब्रिटिश एफ-35 जेट्स ने रूसी विमान को रोका, नॉर्वेजियन सागर में तनाव बढ़ा
ब्रिटेन के एफ-35 जेट्स ने नॉर्वेजियन सागर में रूसी विमान को इंटरसेप्ट किया और एस्कॉर्ट किया। विमान ने ब्रिटिश कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के पास गतिविधि की थी।
ब्रिटेन के लड़ाकू एफ-35 जेट्स ने सोमवार (6 जुलाई 2026) को नॉर्वेजियन सागर में एक रूसी विमान को इंटरसेप्ट किया और उसे एस्कॉर्ट करते हुए क्षेत्र से बाहर तक छोड़ा। यह जानकारी ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय (एमओडी) ने दी है।
मंत्रालय के अनुसार, रूसी ‘बीयर-एफ’ श्रेणी का विमान कई बार ब्रिटेन के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के पास पहुंचने की कोशिश कर रहा था। यह समूह विमानवाहक पोत एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स के नेतृत्व में संचालित हो रहा था।
ब्रिटिश एफ-35 लड़ाकू विमानों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए रूसी विमान को रोक लिया और उसे सुरक्षित दूरी तक एस्कॉर्ट किया, जब तक वह उस क्षेत्र से बाहर नहीं चला गया।
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रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि रूसी विमान ने इस दौरान विमानवाहक पोत के आसपास सोनोबॉय (समुद्री सोनार उपकरण, जो पनडुब्बियों का पता लगाने के लिए उपयोग किए जाते हैं) भी गिराए।
ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने बयान में कहा कि रूसी विमान ने बार-बार यूके के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के नजदीक आने की कोशिश की, जिससे सुरक्षा को देखते हुए तुरंत कार्रवाई करनी पड़ी।
इस घटना के बाद क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां और निगरानी बढ़ा दी गई हैं। हालांकि, किसी प्रकार की सीधी टक्कर या संघर्ष की स्थिति नहीं बनी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना यूरोप में बढ़ते सैन्य तनाव और समुद्री क्षेत्रों में निगरानी गतिविधियों की तीव्रता को दर्शाती है।
ब्रिटेन और रूस के बीच पहले भी इस तरह की हवाई और समुद्री मुठभेड़ की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन दोनों पक्ष आमतौर पर इन्हें नियमित सैन्य निगरानी का हिस्सा बताते हैं।
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