जाबाज कैप्टन स्मित मच्छार को मिलेगा विशिष्ट गुजरात गरिमा अवॉर्ड, जानलेवा हमले के बाद बचाई 174 यात्रियों की जान
फ्लाईदुबई विमान में हमले के दौरान गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित मच्छार ने साहस दिखाकर विमान को बचाने में मदद की। गुजरात सरकार उन्हें सम्मानित करेगी।
फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड-1073 में जानलेवा हमले के दौरान अदम्य साहस दिखाने वाले भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार को गुजरात सरकार ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा अवॉर्ड’ से सम्मानित करेगी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने हमलावर का सामना किया और 174 यात्रियों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
घटना 30 सितंबर 2026 को हुई, जब फ्लाईदुबई की उड़ान दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में 174 लोग सवार थे, जिनमें 166 इजरायली नागरिक और 27 बच्चे शामिल थे। उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित तौर पर चाकू से हमला किया और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की।
गंभीर रूप से घायल होने और खून से लथपथ होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों तथा चालक दल के सदस्यों को हमलावर पर काबू पाने में मदद की। विमान ने ऊंचाई खोई, लेकिन बाद में सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। घटना में सभी 174 लोग सुरक्षित रहे।
और पढ़ें: 174 लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट को ट्रंप ने बताया हीरो, सह-पायलट को कहा आतंकवादी
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कैप्टन मच्छार की बहादुरी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गुजरात और पूरे देश को उनके साहस पर गर्व है। मुख्यमंत्री ने उन्हें गुजरात की दृढ़ता और वीरता का प्रतीक बताया तथा उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
मुंबई के घाटकोपर इलाके में कैप्टन मच्छार के पूर्व पड़ोसी डॉक्टर जनित शाह ने भी उनकी पुरानी यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि दुबई जाने से पहले मच्छार करीब 10 से 15 वर्षों तक उनके पड़ोसी रहे थे।
कैप्टन मच्छार की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अन्य नेताओं ने भी सराहना की है। फिलहाल कैप्टन मच्छार अस्पताल में उपचाराधीन हैं और उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
और पढ़ें: वह सच्चे हीरो हैं: नेतन्याहू ने भारतीय पायलट स्मित मच्छर की बहादुरी को सराहा