NEET पेपर लीक: PV कुलकर्णी के दो और सहयोगियों की तलाश में CBI ने तेज़ी से शुरू की तलाशी
NEET पेपर लीक मामले में PV कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के अलावा दो और सहयोगियों की तलाश में CBI ने पुणे और लातूर में तलाशी तेज़ कर दी है।
नेशनल एग्ज़ामिनेशन पेपर लीक मामले में PV कुलकर्णी, जिसे 'पेपर लीक किंगपिन' कहा जा रहा है, के दो और सहयोगियों की तलाश में CBI ने अपनी जांच तेज़ कर दी है। सूत्रों के अनुसार, कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के अलावा दो और लेक्चरर्स ने NEET पेपर लीक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस संबंध में CBI पुणे और लातूर में तलाशी अभियान चला रही है।
PV कुलकर्णी, जो NEET पेपर लीक का मास्टरमाइंड है, को शुक्रवार, 15 मई को पुणे से गिरफ्तार किया गया था। उन्हें CBI कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के बाद पेश किया जाएगा। कुलकर्णी पिछले 28 वर्षों से दयानंद कॉलेज में केमिस्ट्री के प्रोफेसर थे और बाद में प्रिंसिपल के पद पर भी रहे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने पुणे की विभिन्न कोचिंग क्लासेस में फ्रीलांस टीचिंग की।
सूत्रों के अनुसार, कुलकर्णी ने पिछले दो वर्षों से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में केमिस्ट्री विशेषज्ञ के रूप में अनुबंध पर काम किया। वे NEET 2026 का केमिस्ट्री पेपर तैयार करने वाले प्रोफेसरों में शामिल थे, जिसके कारण उन्हें परीक्षा पत्र तक पहुंच मिली।
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इस पेपर लीक में मनीषा वाघमारे की भी भूमिका सामने आई है। वह पुणे निवासी हैं और छात्रों को कुलकर्णी और धनंजय लोखंडे से जोड़ती थीं। कुलकर्णी ने NEET परीक्षा से पहले अप्रैल के अंतिम सप्ताह में पुणे में “राज कोचिंग क्लासेस” के नाम से ऑनलाइन क्लास आयोजित की, जिसमें छात्रों को मॉक पश्न दिए गए, जो बाद में NEET 2026 में वास्तविक प्रश्नों में पाए गए।
यह मामला लातूर पुलिस की शिकायत से उजागर हुआ, जिसमें बताया गया कि एक मॉक टेस्ट के 42 प्रश्न NEET परीक्षा के सवालों से मेल खाते थे। इसके बाद जांच CBI को सौंप दी गई, जिसने कुलकर्णी को पकड़कर मामले का पर्दाफाश किया।
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