सीबीआई और इंटरपोल की भारत-थाईलैंड बैठक में जीवित वन्यजीव तस्करी नेटवर्क पर मंथन
सीबीआई और इंटरपोल की भारत-थाईलैंड बैठक में जीवित वन्यजीव तस्करी के मार्ग, छिपाने के तरीके, संगठित अपराध नेटवर्क और फरार आरोपियों पर कार्रवाई बढ़ाने पर चर्चा हुई।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से भारत और थाईलैंड के बीच जीवित वन्यजीव तस्करी से जुड़े मामलों पर दो दिवसीय समन्वय बैठक आयोजित की जा रही है। नई दिल्ली में शुरू हुई इस बैठक का आयोजन इंटरपोल के पर्यावरण सुरक्षा उपनिदेशालय के समन्वय से किया जा रहा है।
बैठक के दौरान दोनों देशों के अधिकारी जीवित विदेशी प्रजातियों की तस्करी से जुड़े मौजूदा रुझानों, तस्करी के मार्गों और आपराधिक गिरोहों द्वारा अपनाए जाने वाले छिपाने के तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं। इसके साथ ही तस्करी में शामिल संदिग्धों और लक्ष्यों की पहचान के लिए आपसी सहयोग को मजबूत करने के उपायों पर भी विचार किया जा रहा है।
मौके पर सीबीआई के विशेष निदेशक मनोज शशिधर ने कहा कि जीवित जानवरों और पक्षियों की तस्करी केवल वन्यजीव संरक्षण से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय संगठित आपराधिक नेटवर्क से जुड़ी गतिविधि है। उन्होंने कहा कि ऐसे गिरोह तस्करी के लिए आधुनिक और जटिल तरीकों का इस्तेमाल करते हैं तथा उनके परिवहन और छिपाने के तौर-तरीके कई देशों के अधिकार क्षेत्रों तक फैले हुए हैं।
मनोज शशिधर ने वन्यजीव तस्करी में शामिल फरार आरोपियों के खिलाफ इंटरपोल नोटिस जारी कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों की जांच एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय से ऐसे अपराधियों तक पहुंचने और उन्हें कानून के शिकंजे में लाने में मदद मिलेगी।
भारत और थाईलैंड के बीच यह बैठक वन्यजीव तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को कमजोर करने, सूचना साझा करने और सीमा पार अपराधों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई को प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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