केंद्र का बड़ा फैसला: ओला, उबर और रैपिडो ऐप से प्री-राइड टिप का विकल्प हटाने का निर्देश
सड़क परिवहन मंत्रालय ने ओला, उबर और रैपिडो को यात्रा शुरू होने से पहले टिप देने का विकल्प हटाने का निर्देश दिया है। यात्रा पूरी होने के बाद ही सुविधा मिलेगी।
ओला, उबर और रैपिडो से प्री-राइड टिप का विकल्प हटेगा
केंद्र सरकार ने कैब सेवा इस्तेमाल करने वाले यात्रियों के हित में बड़ा कदम उठाया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सभी कैब एग्रीगेटर कंपनियों को अपने मोबाइल ऐप से यात्रा शुरू होने से पहले टिप देने का विकल्प हटाने का सख्त निर्देश दिया है।
मंत्रालय के निर्देश के अनुसार, ओला, उबर और रैपिडो जैसे कैब एग्रीगेटर ऐप पर टिप की सुविधा केवल यात्रा पूरी होने के बाद दिखाई देनी चाहिए। बुकिंग के समय, यात्रा शुरू होने से पहले या यात्रा के दौरान यात्रियों को टिप देने का विकल्प उपलब्ध नहीं कराया जा सकेगा।
सरकार का कहना है कि टिप से जुड़ी कोई भी सुविधा नहीं होनी चाहिए, जो यात्रियों को गुमराह करने वाली, उन पर किसी तरह का दबाव डालने वाली या हेरफेर करने वाली हो। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ऐप में उपलब्ध कोई भी टिपिंग व्यवस्था उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और उसके तहत बनाए गए नियमों एवं विनियमों का उल्लंघन नहीं करनी चाहिए।
मंत्रालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि ऐप पर ऐसा कोई टिपिंग फीचर या तंत्र नहीं होना चाहिए, जो भ्रामक या हेरफेर करने वाला हो। सरकार का उद्देश्य यात्रियों को कैब बुक करते समय अतिरिक्त भुगतान के लिए किसी तरह के दबाव से बचाना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
इस फैसले के बाद कैब एग्रीगेटर कंपनियों को अपने ऐप के इंटरफेस और भुगतान से जुड़ी व्यवस्थाओं में आवश्यक बदलाव करने होंगे। अब यात्री यात्रा पूरी होने के बाद ही चालक को अपनी इच्छा के अनुसार टिप देने का विकल्प देख सकेंगे।
सरकार के इस कदम को उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्री-राइड टिप विकल्प हटने से यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले किसी अतिरिक्त भुगतान संबंधी निर्णय के लिए प्रेरित किए जाने की संभावना कम होगी।
यह निर्देश देश में तेजी से बढ़ती ऐप आधारित कैब सेवाओं में उपभोक्ताओं के लिए पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के सरकार के प्रयास का हिस्सा है।