भ्रष्टाचार के आरोपों में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता मा शिंगरुई निष्कासित
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने भ्रष्टाचार और पार्टी अनुशासन के गंभीर उल्लंघन के आरोप में वरिष्ठ नेता मा शिंगरुई को पार्टी और सार्वजनिक पद से निष्कासित कर दिया।
चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) ने बड़ा कदम उठाते हुए शिनजियांग के पूर्व पार्टी प्रमुख मा शिंगरुई को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। साथ ही उन्हें सार्वजनिक पद से भी बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और पार्टी अनुशासन के गंभीर उल्लंघन के आरोपों के बाद की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, मा शिंगरुई पर पार्टी के सिद्धांतों और राजनीतिक अनुशासन का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए हैं। जांच में कहा गया कि उन्होंने अपने राजनीतिक आदर्शों और विश्वासों को त्याग दिया, पार्टी के प्रति निष्ठा नहीं निभाई तथा संगठन के नियमों का गंभीर उल्लंघन किया।
मा शिंगरुई चीन की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था पोलित ब्यूरो के सदस्य भी रह चुके हैं। मौजूदा कार्यकाल, जो वर्ष 2022 में शुरू हुआ था, के दौरान जांच के दायरे में आने वाले वह 24 सदस्यीय पोलित ब्यूरो के तीसरे सदस्य हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इतने उच्च स्तर के नेताओं पर कार्रवाई होना चीन की 105 वर्ष पुरानी कम्युनिस्ट पार्टी के हालिया इतिहास में बेहद दुर्लभ माना जाता है।
राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में चीन में पिछले कई वर्षों से भ्रष्टाचार विरोधी अभियान लगातार जारी है। इस अभियान के तहत कई वरिष्ठ अधिकारियों, सैन्य अधिकारियों और प्रभावशाली नेताओं के खिलाफ जांच और कार्रवाई की जा चुकी है। चीनी सरकार का दावा है कि इस अभियान का उद्देश्य शासन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना और पार्टी अनुशासन को मजबूत करना है।
हालांकि, कुछ अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई के साथ-साथ इसका इस्तेमाल पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने और राजनीतिक नियंत्रण मजबूत करने के लिए भी किया जाता है। फिलहाल, मा शिंगरुई के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
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