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सीजेपी आंदोलन में पिता से मारपीट का आरोप, निशु आजाद ने स्वतंत्र भारद्वाज पर लगाया आरोप; उन्होंने दी सफाई

सीजेपी आंदोलन के दौरान निशु आजाद ने अपने पिता से मारपीट का आरोप स्वतंत्र भारद्वाज पर लगाया। भारद्वाज ने इसे आत्मरक्षा बताया, जबकि राहुल गांधी ने मदद का आश्वासन दिया।

कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) के जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। आंदोलनकारी निशु आजाद ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान उनके पिता के साथ स्वतंत्र भारद्वाज ने मारपीट की, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। निशु ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने अब तक इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की है।

निशु आजाद ने सोशल मीडिया मंच पर करीब एक मिनट का वीडियो साझा कर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मदद की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना को डेढ़ महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की।

निशु का कहना है कि कथित आरोपी खुलेआम घूम रहा है और कानून का कोई डर नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी से न्याय दिलाने में सहायता करने की मांग की।

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राहुल गांधी ने निशु के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें घबराने की जरूरत नहीं होने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने के कारण निशु को निशाना बनाया गया। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को टैग करते हुए दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।

स्वतंत्र भारद्वाज ने बताया आत्मरक्षा का मामला

स्वतंत्र भारद्वाज ने शुक्रवार को आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने केवल आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी। उनका दावा है कि 10-15 लोगों ने उन्हें घेर लिया था और यदि वह बचाव नहीं करते तो उनकी भीड़ द्वारा हत्या की जा सकती थी।

भारद्वाज ने कहा कि इसी दौरान निशु के पिता के सिर पर चोट लगी। उन्होंने दिल्ली पुलिस की कथित मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि चोट गंभीर नहीं थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया पर राहुल गांधी और अन्य लोगों द्वारा साझा की जा रही पॉडकास्ट क्लिप फर्जी है।

पुलिस से प्राथमिकी दर्ज करने की मांग

सीजेपी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका ने शुक्रवार को संसद मार्ग थाने पहुंचकर मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस भारतीय जनता पार्टी के दबाव में कार्रवाई नहीं कर रही है और मामले में हत्या की कोशिश की धाराओं के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

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