हिमाचल के सबसे दुर्गम बारा भंगाल पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, महिलाओं के लिए पेंशन और इको-टूरिज्म विकास का ऐलान
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बारा भंगाल में महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक पेंशन, राजमा को ब्रांड पहचान और क्षेत्र को इको-टूरिज्म हब बनाने की घोषणा की।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य के सबसे दुर्गम जनजातीय क्षेत्रों में से एक बारा भंगाल का दो दिवसीय दौरा कर 'सरकार गांव के द्वार' अभियान को नई गति दी। कांगड़ा जिले के इस दूरस्थ इलाके में पहुंचकर मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं और क्षेत्र के समग्र विकास का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बारा भंगाल की प्रसिद्ध राजमा को अलग ब्रांड पहचान दिलाने के लिए सरकार विशेष प्रयास करेगी। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि ऐसा करने पर वे सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना का लाभ उठा सकेंगे। उनका कहना था कि प्राकृतिक खेती से किसानों की आय बढ़ेगी और क्षेत्र के कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बारा भंगाल की सभी पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये की पेंशन दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कदम महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने यह भी घोषणा की कि बारा भंगाल को इको-टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारा भंगाल में बुनियादी सुविधाओं, सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी दूरस्थ क्षेत्र विकास से वंचित न रहे और हर नागरिक तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे।
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