भारत–अमेरिका संबंधों में उथल-पुथल, कांग्रेस ने जताई चिंता
कांग्रेस ने भारत-अमेरिका संबंधों में बढ़ती अस्थिरता पर चिंता जताई है। जयराम रमेश ने वॉशिंगटन से आए हालिया राजनीतिक संकेतों और ट्रंप द्वारा पाक सेना प्रमुख की सराहना को असहज करने वाला बताया।
कांग्रेस ने भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों को लेकर चिंता जताते हुए कहा है कि दोनों देशों के संबंध इस समय “काफी उथल-पुथल” के दौर से गुजर रहे हैं। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद व्हाइट हाउस का दौरा करने वाले शुरुआती वैश्विक नेताओं में शामिल रहे हैं।
बुधवार (7 जनवरी, 2026) को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि हाल के दिनों में वॉशिंगटन से आए कुछ विधायी और राजनीतिक संकेतों ने नई दिल्ली में असहजता पैदा की है। उनके अनुसार, इन घटनाक्रमों से संकेत मिलता है कि भारत-अमेरिका संबंध आसान या स्थिर स्थिति में नहीं हैं।
जयराम रमेश ने विशेष रूप से अमेरिका के भीतर हालिया राजनीतिक रुख और बयानों की ओर इशारा किया, जिनका भारत पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर की सार्वजनिक रूप से सराहना करना भारत के रणनीतिक हितों के लिहाज से चिंता का विषय है।
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कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत को अपने दीर्घकालिक राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए अमेरिका के साथ रिश्तों का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए और किसी भी तरह की कूटनीतिक असहजता को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को संसद और देश को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इन घटनाक्रमों का भारत की विदेश नीति और सुरक्षा हितों पर क्या असर पड़ेगा।
कांग्रेस का मानना है कि भारत-अमेरिका साझेदारी महत्वपूर्ण है, लेकिन बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय हालात में केवल प्रतीकात्मक मुलाकातों से आगे बढ़कर ठोस और पारदर्शी कूटनीतिक संवाद की जरूरत है। पार्टी ने सरकार से आग्रह किया कि वह इन “अशांत समय” से निपटने के लिए स्पष्ट रणनीति प्रस्तुत करे।
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