सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में पीजी के लिए सख्त नियमों की तैयारी, पंजीकरण और सीसीटीवी होगा अनिवार्य
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में पीजी आवासों के लिए अनिवार्य पंजीकरण, सुरक्षा जांच, सीसीटीवी, किराया नियंत्रण और शिकायत निवारण की व्यवस्था लागू करने की तैयारी है।
दिल्ली के प्रमुख शिक्षा केंद्रों में संचालित पेइंग गेस्ट यानी पीजी आवास जल्द ही सख्त नियामक व्यवस्था के दायरे में आ सकते हैं। प्रस्तावित ‘पेइंग गेस्ट आवास विनियमन एवं कल्याण विधेयक’ के तहत मुखर्जी नगर, लक्ष्मी नगर, राजेंद्र नगर और नॉर्थ कैंपस जैसे इलाकों में पीजी के लिए समान नियम लागू किए जाने की योजना है।
यह प्रस्ताव सत्य निकेतन हादसे के बाद सामने आया है। 6 सितंबर को छात्रों को ठहराने वाली पांच मंजिला इमारत ढहने से सात लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। घटना के बाद दिल्ली में निजी छात्र आवासों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत दिल्ली में संचालित प्रत्येक पीजी का पंजीकरण अनिवार्य होगा। संचालकों को 90 दिनों के भीतर संबंधित जोनल प्राधिकरण से लाइसेंस लेना होगा। इसके लिए पुलिस, नगर निगम और स्थानीय प्रशासन से जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने होंगे। पंजीकृत संपत्तियों को एक विशिष्ट पीजी पंजीकरण संख्या दी जाएगी।
और पढ़ें: अमेरिका-कनाडा व्यापार युद्ध तेज, डेयरी उत्पादों और मोटरसाइकिलों पर अमेरिकी प्रतिबंध
प्रस्तावित ‘गोवपीजी’ पोर्टल पर छात्रों को किराया, सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी सत्यापित जानकारी मिल सकेगी। छात्र यहां गुमनाम रूप से शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे।
नए नियमों में अधिकतम तीन महीने के किराये के बराबर सुरक्षा जमा और तीन महीने से अधिक अग्रिम भुगतान पर रोक का प्रस्ताव है। कमरा खाली करने के लिए 30 दिन का नोटिस जरूरी होगा। लिंग, जाति, धर्म या मूल राज्य के आधार पर अलग किराया वसूलने की अनुमति नहीं होगी।
सुरक्षा के तहत प्रवेश द्वार और साझा क्षेत्रों में सीसीटीवी अनिवार्य होगा और फुटेज 30 दिनों तक सुरक्षित रखनी होगी। 15 या उससे अधिक छात्रों वाले पीजी में रात के समय सुरक्षा गार्ड और 500 मीटर के दायरे में वार्डन की उपलब्धता प्रस्तावित है।
पीजी की तिमाही जांच के लिए शैक्षणिक संस्थानों, पुलिस और नगर निकायों के प्रतिनिधियों वाली समितियां बनाई जा सकती हैं। नियमों का लगातार पालन करने वाले संचालकों को संपत्ति कर में रियायत, आसान ऋण और ‘सर्टिफाइड स्टूडेंट-फ्रेंडली पीजी’ प्रमाणन जैसे प्रोत्साहन भी मिल सकते हैं।
प्रस्ताव में पुराने राजेंद्र नगर के बेसमेंट हादसे, मुखर्जी नगर में आग और सुरक्षा उल्लंघनों के अलावा यौन उत्पीड़न, छिपे कैमरों और मनमाने बिजली बिलों से जुड़ी शिकायतों का भी उल्लेख है। सरकार का उद्देश्य छात्रों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह पीजी व्यवस्था तैयार करना है।