दुनिया भी छोड़नी पड़ती है: बंगाल में हार के बाद ममता के इस्तीफे से इनकार पर दिलीप घोष का हमला
बंगाल में भाजपा की बड़ी जीत के बाद दिलीप घोष ने ममता बनर्जी के इस्तीफे से इनकार पर हमला बोला, जबकि ममता ने चुनाव परिणाम को साजिश बताते हुए स्वीकार नहीं किया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारी जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे से इनकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सत्ता हमेशा के लिए नहीं रहती और एक दिन “दुनिया भी छोड़नी पड़ती है”, इसलिए किसी को भी पद का घमंड नहीं करना चाहिए।
दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी 15 साल तक सत्ता में रहीं, लेकिन इस दौरान राज्य में विकास के बजाय भ्रष्टाचार और हिंसा बढ़ी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया है और अब जनता के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए।
इस चुनाव में भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटों के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, जबकि तृणमूल कांग्रेस को केवल 80 सीटें मिली हैं। इस परिणाम के साथ बंगाल में 15 साल पुराना तृणमूल कांग्रेस का शासन समाप्त हो गया है।
दूसरी ओर, ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से इनकार करते हुए चुनाव परिणामों को स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह जनादेश जनता का नहीं बल्कि एक “साजिश” का परिणाम है, जिसमें भाजपा और भारतीय चुनाव आयोग शामिल हैं।
ममता ने चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाते हुए ईवीएम की विश्वसनीयता पर भी संदेह जताया और इसे लोकतंत्र पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें नैतिक रूप से जीत मिली है, भले ही आधिकारिक परिणाम कुछ भी कहें।
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन को ऐतिहासिक बना दिया है और राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।