ग्रीनलैंड पर टैरिफ धमकियों के खिलाफ ईयू को एंटी-कोएर्शन तंत्र इस्तेमाल करने से नहीं हिचकना चाहिए: मैक्रों
डावोस में राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी टैरिफ धमकियों के सामने यूरोपीय संघ को अपने एंटी-कोएर्शन तंत्र का उपयोग करने से नहीं हिचकना चाहिए।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की ओर से दी जा रही टैरिफ धमकियों के सामने यूरोपीय संघ (ईयू) को अपने एंटी-कोएर्शन इंस्ट्रूमेंट (दबाव-विरोधी तंत्र) का इस्तेमाल करने से नहीं हिचकना चाहिए। मंगलवार (20 जनवरी, 2026) को स्विट्ज़रलैंड के डावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) में बोलते हुए मैक्रों ने यह बयान दिया।
मैक्रों ने स्पष्ट किया कि मौजूदा हालात में ईयू को एकजुट होकर आक्रामक व्यापारिक दबावों का जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड से जुड़े मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकियां न केवल अनुचित हैं, बल्कि इससे वैश्विक व्यापार व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। मैक्रों ने “लगातार नए टैरिफों के अंतहीन ढेर” की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह की नीतियां सहयोग की भावना के खिलाफ हैं।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वह विश्व आर्थिक मंच के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत करने की कोई योजना नहीं बना रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि यूरोप को अपनी संप्रभुता और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट और सख्त रुख अपनाना चाहिए।
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एंटी-कोएर्शन इंस्ट्रूमेंट ईयू का वह तंत्र है, जिसके जरिए वह किसी तीसरे देश द्वारा डाले जा रहे आर्थिक या व्यापारिक दबाव का जवाब दे सकता है। मैक्रों के अनुसार, यदि किसी बाहरी शक्ति द्वारा टैरिफ या अन्य उपायों से यूरोपीय संघ को मजबूर करने की कोशिश की जाती है, तो इस तंत्र का इस्तेमाल एक वैध और आवश्यक कदम हो सकता है।
मैक्रों ने जोर देकर कहा कि यूरोप संवाद और सहयोग में विश्वास रखता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह दबाव की राजनीति को स्वीकार करेगा। उनके इस बयान को अमेरिका-यूरोप के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव और ग्रीनलैंड को लेकर जारी विवाद के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
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